बांग्लादेशी डॉक्टर प्राण गोपाल दत्ता को त्रिपुरा शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सर्विस देने के लिए टेम्पररी परमिशन मिली

अगरतला, 29 जून: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मशहूर बांग्लादेशी डॉक्टर डॉ. प्राण गोपाल दत्ता को त्रिपुरा शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज, अगरतला में वॉलंटरी क्लिनिकल सर्विस देने के लिए टेम्पररी परमिशन दी है। यह परमिशन नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट, 2019 के सेक्शन 34 के तहत दी गई है।

NMC के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड से मिली परमिशन के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिक डॉ. प्राण गोपाल दत्ता को अगरतला के रानीखमार-मधुबन इलाके के रामकृष्णपुर में त्रिपुरा शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज में टेम्पररी बेसिस पर वॉलंटरी मेडिकल सर्विस देने की परमिशन दी गई है।

यह परमिशन 13 अक्टूबर, 2025 से 12 अक्टूबर, 2026 तक वैलिड रहेगी। अगर तय समय के बाद नई परमिशन नहीं मिलती है, तो यह परमिशन अपने आप कैंसल हो जाएगी। इसके अलावा, NMC ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। प्रोग्राम के शेड्यूल या समय में किसी भी बदलाव के बारे में कमीशन को पहले से बता देना चाहिए और सभी ज़रूरी नियमों का पालन करना चाहिए।

NMC की गाइडलाइंस के मुताबिक, त्रिपुरा शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय नाथ, मरीज़ के इलाज, कानूनी मामलों और कमीशन की गाइडलाइंस का ठीक से पालन करने के लिए ज़िम्मेदार होंगे।

इस बीच, त्रिपुरा स्टेट मेडिकल काउंसिल ने डॉ. प्राण गोपाल दत्ता के नाम पर एक प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी जारी किया है। डॉक्यूमेंट में उनका रजिस्ट्रेशन नंबर 004101 लिखा है। इसके अलावा, उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन में बांग्लादेश के चटगांव मेडिकल कॉलेज से MBBS, 1983 में सोवियत यूनियन के उस समय के की साइंटिफिक रिसर्च इंस्टिट्यूट से मेडिसिन में PhD और 2007 में ग्लासगो के रॉयल कॉलेज ऑफ़ फिजिशियन एंड सर्जन से FRCS डिग्री शामिल है।

स्टेट मेडिकल काउंसिल के डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, डॉ. प्राण गोपाल दत्ता का जन्म 1 अक्टूबर 1953 को हुआ था और उनका प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन 14 अक्टूबर 2025 से लागू है।

नेशनल और स्टेट मेडिकल रेगुलेटरी अथॉरिटी की शर्तों के अनुसार, डॉ. प्राण गोपाल दत्ता की इस नियुक्ति को त्रिपुरा में मेडिकल सर्विस देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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