नई दिल्ली, 23 जून : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत के तेजी से विकसित भरोसेमंद अर्थव्यवस्था और विश्वसनीय विश्व-शक्ति बनने में राष्ट्र प्रथम का सिद्धांत प्रेरक बल रहा है। कल नई दिल्ली में एक निजी मीडिया हाउस के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वसनीयता, स्थिरता और वैश्विक हित के लिए प्रतिबद्धता पिछले दशक में भारत की उपलब्धियों के मूल में रही हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन में अपनी हाल की भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व नेताओं ने राष्ट्रीय हितों की प्राथमिकता देने की भारत की अटल प्रतिबद्धता को समझा है। यह दृष्टिकोण ही देश की नीतियों और विकास एजेंडे को आकार देता रहा है। सरकार के 12 वर्ष के कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, खादी और स्थानीय उत्पादों को बढावा देने जैसी पहल राष्ट्र निर्माण के प्रति नागरिकों की प्रतिबद्धता से सफल हुई हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से उबरे हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि निर्धन और मध्य वर्ग को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्री ने सस्ते आवास, कर सुधार, स्वास्थ्य देश-भाल योजना और बेहतर शहरी बुनियादी ढांचा का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा किफायती और मध्य आय वर्ग के लिए आवास की विशेष सुविधा जैसी परियोजनाओं के तहत हजारों आवासों का निर्माण हुआ। डिजिटल सुविधा और सरल कर व्यवस्था से अनुपाल का बोझ कम हुआ और पारदर्शिता बढ़ी।
देश की मजबूत अवसंरचना पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा कि मेट्रो सेवा से प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्रियों को सुविधा हो रही है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत रेल गाड़ियों, विस्तारित राजमार्ग और हवाई अड्डों से संपर्क व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। जन औषधि केंद्रों से लोगों से सस्ती दवाएं मिल रही हैं। और वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत में अभूतपूर्व अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने देश के युवाओं, उद्यमियों, नवाचारियों और स्टार्टअप उद्यमों से राष्ट्र की प्रगति में योगदान के लिए इन अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। भारत के उज्ज्वल भविष्य में विश्वास व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ भारतवासियों के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
