नईदिल्ली, 7 जून : राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का कल रात कोच्चि में निधन हो गया। उनका एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वे 57 वर्ष के थे। सलीम कुमार ने शुरु में मिमिक्री स्टेज और टेलीविज़न कॉमेडी शो से पहचान बनाई और 1996 में सिद्दीक शमीर के निर्देशन में फिल्म ‘इष्टमानु नूरुवट्टम’ से सिनेमा जगत में प्रवेश किया। तीन दशक के करियर में उन्होंने करीब 350 फिल्मों में काम किया।
अपने अनोखे अंदाज़ में कॉमेडी-प्रधान किरदारों को पेश करके सलीम कुमार ने उन्हें एक अलग आयाम दिया। उन्हें फिल्म ‘अदामिन्ते मकान अबू’ में अभिनय के लिए 2010 में सर्वोत्तम अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और राम्य फिल्म पुरसकार मिला। सलीम कुमार को ‘अचनुरंगथा वीडु’ के लिए सर्वोत्तम सहायक अभिनेता और ‘अयालुम न्जानुम’ के लिए सर्वोत्तम कॉमेडियन का राज्य पुरस्कार मिला। उन्होंने तमिल फिल्मों ‘अप्पाविन मीसाई’, ‘नेडुंचलाई’ और ‘मरियन’ में भी काम किया। उन्होंने ओडिया फिल्म ‘ऊंगा’ और बंगाली फिल्म ‘मायाबाजार’ में भी अभिनय किया।
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन ने कहा कि सलीम कुमार न सिर्फ एक फिल्म स्टार थे, बल्कि उनके लिए एक भाई और परिवार के सदस्य भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक असाधारण प्रतिभा थे जो सिर्फ कॉमेडी ही नहीं, बल्कि किसी भी तरह के किरदार को निभाने में सक्षम थे।
