छात्र प्रदर्शनकारियों की ‘आपत्तिजनक भाषा’ पर कंगना रनौत ने उठाए सवाल

नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर जेन-ज़ी (Gen Z) को लेकर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों के बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मंगलवार को परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे प्रदर्शनकारी या उनके माता-पिता भविष्य में संभावित कानूनी मामलों में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का खर्च उठा पाएंगे?

संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना रनौत ने कहा, “हम सभी छात्र आंदोलनों का हिस्सा रहे हैं, लेकिन ये किस तरह के छात्र हैं और किस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? ये किस मायने में छात्र लगते हैं? अगर भविष्य में इन्हें सुप्रीम कोर्ट के वकील या कानूनी सहायता की जरूरत पड़ी तो क्या इनके माता-पिता इसका खर्च उठा पाएंगे?”

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र खुद इस तरह के खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं होंगे।

कंगना ने आगे कहा, “अगर हमारी आलोचना भी होती है, तब भी हमने 16 साल की उम्र से अपना करियर खुद बनाया है। हम कभी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बने। हमारे समाज में कई परिवार रूढ़िवादी हैं। हम जानते हैं कि भारतीय समाज कैसा है, फिर भी उनकी बेटियां इस तरह की गंदी भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। समाज में उनके माता-पिता की क्या इज्जत रह जाएगी? उन्हें किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा? क्या युवा इस बारे में सोचते हैं?”

उन्होंने कहा कि समाज के तौर पर इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

इससे पहले भाजपा सांसद ने जेन-ज़ी के सोशल मीडिया कंटेंट को “घृणित” बताते हुए उनकी भाषा और व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी की थी।

सोशल मीडिया पोस्ट में कंगना ने लिखा था, “मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। जेन-ज़ी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी ये रील्स घिन पैदा करने वाली हैं। जिस तरह से वे बोल रहे हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, मैंने अपने जीवन में कभी हर फ्रेम में इतनी खराब और अशोभनीय चीजें एक साथ नहीं देखीं।”

कंगना की इस टिप्पणी के बाद विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उनके बयान की आलोचना की।

एनएसयूआई सदस्य सर्वज्ञ यादव ने कंगना की पोस्ट को “पूरी तरह अनुचित और बेहद अपमानजनक बयान” बताया। उन्होंने कहा, “हम इस देश के युवा हैं, अगर हम अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो कौन उठाएगा? युवाओं को ‘घृणित’ कहना लोकतंत्र में बड़ा अन्याय है। जेन-ज़ी अपनी आवाज उठाना और अपने अधिकारों की मांग करना जानती है।”

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी कंगना के बयान की आलोचना करते हुए कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा बयान एक सांसद ने दिया है, जो फिल्म जगत से आती हैं और जिन्होंने अच्छा काम किया है। हम इस तरह के असंवेदनशील बयान की निंदा करते हैं।”

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सांसद महुआ माजी ने कहा कि कंगना का बयान स्वस्थ सोच को नहीं दर्शाता।

उन्होंने कहा, “ऐसे बयानों को महत्व नहीं देना चाहिए। उनकी फिल्मों को युवा देखते हैं, अब युवा उनके बारे में क्या सोचेंगे? कौन उनकी फिल्में देखने जाएगा? इसके अलावा, मुझे नहीं लगता कि यह किसी जनप्रतिनिधि की भाषा होनी चाहिए।”

–आईएएनएस

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