मुंबई, 31 जुलाई (आईएएनएस): महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के कथित एआई-जनित और मॉर्फ्ड वीडियो तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई भाजपा के एक सोशल मीडिया पदाधिकारी की शिकायत के आधार पर की गई।
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र नोडल साइबर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 336, 352, 353(1), 353(2), 356(1) और 356(2) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) और 67 के तहत दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के कथित रूप से मॉर्फ्ड या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किए गए वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया खातों के जरिए प्रसारित किए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर आपत्तिजनक सामग्री भी ऑनलाइन साझा की गई।
शिकायत के अनुसार, “महाराष्ट्र धर्म” नामक एक फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसके कैप्शन में दावा किया गया कि पीयूष गोयल ने प्रदर्शनकारियों को “कॉकरोच” बताते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटकाने की बात कही थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में मंत्री आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहे थे। हालांकि, समाचार एजेंसी द्वारा जारी मूल वीडियो से तुलना करने पर उन्हें लगा कि यह वीडियो डिजिटल रूप से छेड़छाड़ कर तैयार किया गया है या एआई की मदद से बनाया गया है।
शिकायत में प्रधानमंत्री मोदी से संबंधित कई अन्य सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया गया है। इनमें एक फेसबुक अकाउंट से साझा की गई कथित मॉर्फ्ड तस्वीर, इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक आपत्तिजनक वीडियो तथा प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा वाले एक अन्य वीडियो का जिक्र शामिल है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन सामग्रियों को गलत सूचना फैलाने, लोगों में असंतोष भड़काने और संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों का अपमान करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संबंधित सोशल मीडिया खातों का संचालन करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें ट्रेस करने के प्रयास जारी हैं। मामले की आगे की जांच की जा रही है।
