चेन्नई, 22 जुलाई (आईएएनएस): तमिलनाडु सरकार ने राज्य के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर एंड सीई) विभाग के अधीन आने वाले 8,193 मंदिरों में गैर-वंशानुगत (नॉन-हेरिडिटरी) ट्रस्टियों की नियुक्ति के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य उन मंदिरों के प्रशासन को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाना है, जहां वंशानुगत ट्रस्टी नहीं हैं।
एचआर एंड सीई विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन नियुक्तियों की प्रक्रिया तमिलनाडु हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम की धारा 49(1) के तहत पूरी की जाएगी। यह प्रावधान सरकार को विभाग के अधीन संचालित मंदिरों के लिए ट्रस्टी बोर्ड गठित करने का अधिकार देता है।
विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर संबंधित मंदिरों की सूची, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया तथा निर्धारित आवेदन पत्र का प्रारूप उपलब्ध करा दिया है। इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की अपील की गई है।
उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित जिले के एचआर एंड सीई विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा किया जा सकता है या स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी भेजा जा सकता है।
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त, शाम 5:45 बजे निर्धारित की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय तक पहुंचना चाहिए। अधूरे अथवा समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
यह नियुक्ति प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। इससे पहले पहले चरण में 1,012 मंदिरों के लिए गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की जा चुकी है। साथ ही चयन प्रक्रिया की निगरानी और पात्र उम्मीदवारों के चयन के लिए राज्य के 14 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन भी किया गया है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से मंदिरों के प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ेगी। साथ ही ट्रस्टियों की नियुक्ति कानून में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप एक समान प्रक्रिया के तहत सुनिश्चित की जा सकेगी।
