वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग, मुस्लिम धर्मगुरु हुए मुखर

लखनऊ, 14 जुलाई (आईएएनएस): अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग को लेकर कई मुस्लिम धर्मगुरु सामने आए हैं।

एक दिन पहले ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शाहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड में कथित घोटालों की जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद मंगलवार को कई अन्य धर्मगुरुओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की।

शिया मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने आईएएनएस से कहा, “हम लंबे समय से वक्फ बोर्ड की जांच की मांग कर रहे हैं। बोर्ड के कामकाज में कई तरह की अनियमितताएं हैं। यह कोई नई मांग नहीं है। वर्षों से हम कहते आ रहे हैं कि वक्फ बोर्ड में गड़बड़ियां हो रही हैं। वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं, जबकि कुछ जमीनें सरकार के कब्जे में भी हैं।”

उन्होंने कहा कि आरोपों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकार के कब्जे में मौजूद वक्फ की संपत्तियां बोर्ड को वापस सौंपी जानी चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार अनियमितताओं की बात तो करती है, लेकिन व्यापक जांच नहीं कराती।

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने भी वक्फ बोर्ड में धन और संपत्तियों के कथित गबन के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “काफी समय से वक्फ की संपत्तियों और धन के दुरुपयोग की बातें सुन रहा हूं। सत्ता में कोई भी राजनीतिक दल रहा हो, ये आरोप लगातार सामने आते रहे हैं।”

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और पूर्व आईएएस अधिकारियों की एक समिति बनाकर वक्फ बोर्ड का संचालन उनके हाथों में सौंपा जाए। साथ ही वर्तमान बोर्ड के सदस्यों को हटाने की भी मांग की।

इस बीच, मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मौलाना शाहाबुद्दीन रजवी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार के दौरान वक्फ की जमीनों और संपत्तियों की अवैध खरीद-फरोख्त का कारोबार फलता-फूलता रहा और सुन्नी तथा शिया केंद्रीय वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों ने वक्फ के हितों से समझौता किया। उन्होंने दावा किया कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो राम मंदिर से जुड़े कथित मामले से भी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

–आईएएनएस

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