नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस): चुनाव आयोग (ईसीआई) ने आंध्र प्रदेश और हरियाणा में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- एसआईआर) का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। नए कार्यक्रम के अनुसार, दोनों राज्यों की अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
चुनाव आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दोनों राज्यों के लिए अर्हता तिथि (क्वालिफाइंग डेट) 1 जुलाई निर्धारित की गई है। मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा।
चुनाव आयोग के अवर सचिव संदीप कुमार द्वारा दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य 1 जून से 24 जुलाई के बीच पूरा किया जाएगा।
इसके अलावा, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था का कार्य भी 24 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
आयोग के अनुसार, मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दर्ज कराई जा सकेंगी। इन दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 31 जुलाई से 28 सितंबर तक चलेगी। इसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संशोधित कार्यक्रम की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों को दी जाए और उपलब्ध सभी माध्यमों से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही सभी राजनीतिक दलों को भी लिखित रूप में इस संशोधित कार्यक्रम की सूचना दी जाए।
इससे पहले चुनाव आयोग ने निर्देश जारी कर कहा था कि पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में शामिल नहीं किए गए मौजूदा मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने के लिए अपने माता-पिता के एसआईआर सर्वेक्षण का विवरण संलग्न करना होगा।
इसी प्रकार, फॉर्म-6 भरकर पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए मतदाताओं को भी अपने माता-पिता के एसआईआर संबंधी विवरण संलग्न करने होंगे। आयोग का कहना है कि बिहार में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान भी इसी तरह के घोषणा-पत्र का उपयोग किया गया था, जिससे नए मतदाताओं के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया सरल हुई थी।
–आईएएनएस
