स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा सुरक्षा मजबूत करने के लिए ट्रैक एंड ट्रेस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया

नई दिल्ली, 24 जून : स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन किया हैं। इस संशोधन के तहत अनुसूची एच-2 का दायरा व्यापक रूप से विस्तारित किया गया है, ताकि नकली और घटिया दवाओं के प्रसार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसमें क्यूआर कोड आधारित ट्रैक और ट्रेस ढांचे के अंतर्गत दवाओं की अतिरिक्त श्रेणियां शामिल हो गई हैं। 

मंत्रालय ने कहा कि संशोधित प्रावधानों के तहत, मादक औषधि एवं मनोरोग पदार्थ – एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत आने वाले सभी टीके, रोगाणुरोधी, मादक और मनोरोगी दवाएं शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि सभी कैंसर रोधी दवाओं को औषधि नियम, 1945 की अनुसूची एच-2 में शामिल किया गया है। नकली दवाओं की रोकथाम और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए, शीर्ष दवा ब्रांडों की प्राथमिक पैकेजिंग पर बार कोड या क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। क्यूआर कोड आधारित पहचान की आवश्यकता पहले देश के शीर्ष 300 दवा ब्रांडों तक ही सीमित थी।

टीके, मादक और मनोरोगी दवाओं और कैंसर रोधी दवाओं से संबंधित प्रावधान अगले वर्ष पहली जुलाई से लागू होंगे, जबकि रोगाणुरोधी दवाओं से संबंधित प्रावधान पहली जुलाई 2028 से प्रभावी होंगे।

Leave a Reply