जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित, समावेशी और मानव-केंद्रित विकास का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि एआई की असली सफलता मशीनों की क्षमता में नहीं, बल्कि आम लोगों को सशक्त बनाने में है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन बच्चों को गलत सूचना, डीपफेक और साइबर खतरों से बचाने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि एआई तकनीक तक पहुंच सभी देशों के लिए समान और लोकतांत्रिक होनी चाहिए। साथ ही डीपफेक, साइबर धोखाधड़ी और भ्रामक सूचनाओं से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई का लाभ वैश्विक दक्षिण के देशों तक भी पहुंचना चाहिए, ताकि यह तकनीक विभाजन नहीं, बल्कि समावेशी विकास का माध्यम बने।
