नीट पेपर लीक: ‘युवाओं के साथ खड़ी है सरकार’, प्रधानमंत्री के बयान का एनडीए नेताओं ने किया समर्थन

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस): नीट-यूजी पेपर लीक और इसे लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच मंगलवार को एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन किया। उनका कहना है कि केंद्र सरकार देश की युवा शक्ति के साथ खड़ी है और परीक्षा में अनियमितताओं के मामलों में त्वरित कार्रवाई की है।

एनडीए के ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या किसी एक राज्य या केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि सरकार की त्वरित कार्रवाई के चलते अब तक इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास आठवले ने कहा कि नीट परीक्षा में जो कुछ हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे लाखों छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस अपराध में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसकी जिम्मेदारी केवल केंद्र सरकार की नहीं, बल्कि राज्य सरकारों और संबंधित प्रशासन की भी है। उन्होंने कहा, “सरकार देश की युवा शक्ति के साथ है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी जो आरोप लगा रहे हैं, वे निराधार हैं।”

एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं की सराहना करते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाने पर जोर दिया है। उनके अनुसार, सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नीट जैसी घटनाएं दोबारा न हों।

भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक के दोषियों को कड़ी और उदाहरणात्मक सजा दिलाने के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ वकीलों की नियुक्ति की बात कही है, ताकि भविष्य में कोई भी धन के लालच में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।

वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो छात्र-छात्राएं इस मामले से प्रभावित हुए या जिनकी मौत हुई, उनका क्या होगा? जिन छात्रों ने दोबारा परीक्षा दी लेकिन पहले जैसी रैंक नहीं ला सके, उनके खोए हुए समय की भरपाई कैसे होगी? सरकार उनके लिए क्या करेगी?”

उल्लेखनीय है कि सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने संसद मार्च करने की कोशिश की थी। उनकी मांग थी कि 3 मई को हुए नीट पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।