इंफाल, 21 जुलाई (आईएएनएस): मणिपुर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) (केसीपी-पीडब्ल्यूजी) के 46 सक्रिय सदस्यों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के उत्तराधिकारी एवं मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह की मौजूदगी में हथियारों और गोला-बारूद सहित आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण कार्यक्रम का आयोजन इंफाल पूर्व जिले के मंत्रीपुखरी गैरीसन स्थित असम राइफल्स (दक्षिण) मुख्यालय में किया गया। पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में इस घटनाक्रम को शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कार्यक्रम में स्पीयर कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया, मणिपुर पुलिस के महानिदेशक, असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक, रेड शील्ड डिवीजन के जीओसी तथा सीआरपीएफ के डीआईजी सहित कई वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने 28 आधुनिक हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सुरक्षा बलों के समक्ष जमा कर मुख्यधारा में लौटने तथा शांतिपूर्ण जीवन जीने का संकल्प लिया।
पूर्वी कमान के एक अधिकारी ने बताया, “इन 46 उग्रवादियों में से कोई भी पहले किसी शांति समझौते का हिस्सा नहीं रहा था। इसलिए यह सामूहिक आत्मसमर्पण बेहद महत्वपूर्ण है।”
लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यधारा में उनकी वापसी उनके और उनके परिवारों के जीवन में एक नई शुरुआत है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, एक साथ 46 सक्रिय उग्रवादियों का आत्मसमर्पण एक अभूतपूर्व घटना है, जिससे केसीपी के क्षेत्रीय नेटवर्क और प्रभाव को बड़ा झटका लगा है।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस, भारतीय सेना और राज्य सरकार के बीच कई सप्ताह तक चले समन्वित प्रयासों, संवाद और विश्वास बहाली की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप यह सफलता मिली है। ‘सिटिजन-फर्स्ट’ नीति के तहत चलाए गए इस अभियान ने उग्रवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया।
राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को शांतिपूर्ण और आत्मनिर्भर जीवन शुरू करने के लिए हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही सुरक्षा बलों ने अब भी उग्रवादी गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों से भी हथियार छोड़कर शांति की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।
