जेपी नड्डा से मुलाकात में सीजेपी ने रखीं तीन प्रमुख मांगें, केंद्रीय मंत्री ने धरना समाप्त करने की अपील की

नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस): ‘संसद चलो’ अभियान के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो प्रतिनिधियों ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास पर उनसे मुलाकात कर तीन सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन सौंपा। बैठक में सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने अपनी मांगें विस्तार से रखीं। वहीं, जे.पी. नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर संसद परिसर के आसपास के उच्च सुरक्षा क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग देने की अपील की।

सीजेपी की तीन प्रमुख मांगों में समाजसेवी सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई और उनकी आवाजाही पर लगी सभी पाबंदियां हटाना, नीट-2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तथा प्रश्नपत्र लीक के कारण आत्महत्या करने वाले सभी नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है।

जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहे सीजेपी के धरना-प्रदर्शन और करीब तीन सप्ताह पहले सोनम वांगचुक के आंदोलन में शामिल होने के बाद इस बैठक को सरकार और आंदोलनकारियों के बीच गतिरोध समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

बैठक के बाद सौरभ दास ने आरोप लगाया कि धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें देश के युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप हैं और सरकार को उन्हें शीघ्र स्वीकार करना चाहिए।

वहीं, जे.पी. नड्डा ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि शाम करीब चार बजे सीजेपी प्रतिनिधियों ने उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि बातचीत की पहल सीजेपी की ओर से की गई थी और सुबह 11:50 बजे से दोनों पक्षों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

नड्डा ने कहा, “बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। पहले सभी मुद्दों पर विस्तार से मौखिक चर्चा हुई और उसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने लिखित ज्ञापन सौंपा।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर विचार कर रही है। उन्होंने सीजेपी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग देने का आग्रह किया।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर ‘प्रश्नपत्र लीक रोकने में विफल रहने’ का आरोप लगाते हुए सीजेपी ने 6 जून से जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं सामने आने के बावजूद सरकार शिक्षा व्यवस्था की खामियों को दूर करने के लिए कोई प्रभावी और स्थायी कदम नहीं उठा रही है।

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