अगरतला, 17 जुलाई: जनगणना सिर्फ़ एक स्टैटिस्टिक नहीं है, बल्कि अलग-अलग डेवलपमेंट के कामों की प्लानिंग और उन्हें लागू करने की नींव भी है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. डॉ. माणिक साहा ने आज अपने सरकारी घर पर सेल्फ-एन्यूमरेशन के ज़रिए जनगणना 2027 प्रोसेस में हिस्सा लेते हुए यह बात कही।
उन्होंने खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन रजिस्टर की। इसके ज़रिए उन्होंने जनगणना 2027 में सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रोसेस में लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देने का मैसेज दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना 2027 को आसान, ट्रांसपेरेंट और टेक्नोलॉजी-बेस्ड बनाने के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन सिस्टम शुरू किया गया है। इस बार की जनगणना बहुत ज़रूरी है।
