गुवाहाटी, 16 जुलाई (आईएएनएस): पिछले एक दशक में लगभग 6 करोड़ पर्यटकों के आगमन के बाद असम सरकार अब राज्य के पर्यटन क्षेत्र के व्यापक विस्तार के लिए पांच वर्षीय समग्र पर्यटन मास्टर प्लान तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को इसकी घोषणा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में असम में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब सरकार का लक्ष्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना और सतत विकास के माध्यम से पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने लिखा, “अद्भुत असम लगातार आगे बढ़ रहा है। पिछले 10 वर्षों में 6 करोड़ पर्यटक यहां आए हैं, लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत है। हमारा पांच वर्षीय पर्यटन मास्टर प्लान ग्रामीण पर्यटन को गति देगा, स्थानीय आजीविका के अवसर पैदा करेगा और सतत विकास को बढ़ावा देगा। सबसे बेहतर दौर अभी आना बाकी है।”
सरकार के प्रस्तावित मास्टर प्लान में कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का विकास, पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करना और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही असम की प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने की भी योजना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण पर्यटन में निवेश बढ़ने से पर्यटन के नए अवसर विकसित होंगे, गांवों में रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय उद्यमियों को भी लाभ मिलेगा।
हाल के वर्षों में असम सरकार ने संपर्क व्यवस्था में सुधार, पर्यटन अवसंरचना के आधुनिकीकरण तथा विभिन्न सांस्कृतिक और पर्यटन उत्सवों के प्रचार-प्रसार के लिए कई पहल की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य असम को पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पहले भी कई बार कह चुके हैं कि इको-टूरिज्म, विरासत पर्यटन, नदी आधारित पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन राज्य की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख आधार बन सकते हैं।
सरकार का दावा है कि नए पांच वर्षीय रोडमैप के जरिए पर्यटन क्षेत्र के विकास का लाभ राज्य के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण तथा जनकल्याण के साथ संतुलन बनाए रखते हुए असम को एक उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में और मजबूत किया जाएगा।
