यूएनजीए ने एक बार फिर भारत के प्रस्तावित आतंकवाद सम्मेलन को अपनाने का आग्रह किया

नई दिल्ली, 2 जुलाई : अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन के लिए भारत के लंबे समय से चले आ रहे प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिर से समर्थन मिला है। 140 सदस्‍यों द्वारा अपनाई गई संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकरोधी रणनीति की नौवीं समीक्षा में सदस्य देशों से आग्रह किया गया है कि वे भारत द्वारा तीन दशक पहले प्रस्तावित सम्मेलन को अंतिम रूप देने के लिए हर संभव प्रयास करें। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि सर्वमान्य कानूनी ढांचे का अभाव वैश्विक आतंकरोधी प्रयासों को कमजोर करता है। उन्होंने आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड न अपनाने पर जोर देते हुए अपराधियों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया। श्री हरीश ने कहा कि यह सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, अभियोजन और प्रत्यर्पण को मजबूत करेगा और आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाने, धन और हथियार प्राप्त करने से वंचित करेगा। अमरीका, इस्राएल और अर्जेंटीना ने रणनीति के विरुद्ध मतदान किया।

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