नई दिल्ली, 27 जून: रक्षा मंत्रालय ने आज कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भाषण को गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने यह भाषण पिछले वर्ष 28 जुलाई को संसद में दिया था। मंत्रालय ने कहा कि इन पोस्ट में रक्षा मंत्री के भाषण के चुनिंदा अंशों को गलत ढंग से फैलाया जा रहा है। इन पोस्ट में कहा गया है कि श्री सिंह ने दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई।
रक्षा मंत्री के भाषण का संदर्भ देते हुए मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उस समय मीडिया और सोशल मीडिया के कुछ लोगों ने यह धारणा बना ली थी कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के कई पायलटों की जान गई थी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह बातें पूरी तरह झूठी थीं और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को धूमिल करने तथा जनभावना को हतोत्साहित करने के स्पष्ट इरादे से इन्हें आक्रामक रूप से बढा-चढाकर प्रस्तुत किया जा रहा था। मंत्रालय ने कहा कि यह उस विशिष्ट और दुर्भावनापूर्ण धारणा से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित थी कि संसद में रक्षा मंत्री के बयान पर सवाल उठाए जाएं। मंत्रालय ने बताया कि उस समय श्री सिंह के बयान को निशाना बनाया गया था और उसे इस तरह से फैलाया जा रहा था, जिससे तब खतरनाक स्थिति बन रही थी।
मंत्रालय ने कहा कि संसद में रक्षा मंत्री का बयान पूरी तरह गौरवपूर्ण था और ऑपरेशन सिंदूर की उल्लेखनीय सफलता के बारे में बिल्कुल सही जानकारी दी गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक सौ से अधिक आतंकी और पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। इस दौरान पाकिस्तानी वायुसेना के ठिकानों और नियंत्रण रेखा के पास सैन्य ठिकानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।
रक्षा मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि रक्षामंत्री और सरकार भारतीय रक्षा बलों के प्रत्येक सदस्य के प्रति और विशेष रूप से राष्ट्र की रक्षा में प्राणों की आहुति देने वालों के प्रति, आदर, कृतज्ञता और श्रद्धा में दृढ़ है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान को मान्यता देते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके नाम राष्ट्रीय समर स्मारक की दीवारों पर अंकित हों। सरकार ने देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले वीरों के परिवार और आश्रितों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य सुविधाओं में रियायतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।
