ब्लैक सी में व्यावसायिक जहाजों पर नौकरी से पहले सतर्क रहें भारतीय नागरिक, सुरक्षा जोखिमों को लेकर विदेश मंत्रालय की विशेष सलाह

नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस): भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने ब्लैक सी (काला सागर) क्षेत्र में संचालित या वहां से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर नौकरी करने के इच्छुक भारतीय नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। रविवार को जारी इस सलाह में कहा गया है कि नौकरी स्वीकार करने से पहले वहां की मौजूदा सुरक्षा स्थिति का सावधानीपूर्वक आकलन करना बेहद जरूरी है।

एमईए ने कहा कि जारी संघर्ष के कारण ब्लैक सी और उससे लगे समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति अभी भी बेहद अस्थिर बनी हुई है। इस क्षेत्र में संचालित व्यावसायिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का गंभीर खतरा बना हुआ है।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “अप्रैल 2026 से व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन हमलों में अब तक पांच भारतीय नागरिकों की दुखद मृत्यु हो चुकी है।”

एमईए ने सलाह दी है कि जो भारतीय नागरिक इस तरह की नौकरी स्वीकार करना चाहते हैं, वे अपने नियोक्ता, भर्ती एजेंसी और जहाज संचालक से जहाज के प्रस्तावित मार्ग, जिन बंदरगाहों पर जहाज जाएगा, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा कवरेज और आपातकालीन प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि नौकरी की शर्तें अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानकों के अनुरूप हों तथा आपात स्थिति में चिकित्सा सुविधा, निकासी, स्वदेश वापसी और मुआवजे जैसी पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों।

भारतीय नागरिकों से अपने यात्रा कार्यक्रम की जानकारी परिवार के सदस्यों को नियमित रूप से देने और उनसे संपर्क बनाए रखने की अपील की गई है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित देश में स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है।

एमईए ने कहा कि भारतीय नागरिकों को महानिदेशक समुद्री प्रशासन (डीजीएमए) और भारत सरकार की अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी सुरक्षा सलाहों का नियमित रूप से पालन करना चाहिए। विशेष रूप से 23 जुलाई 2026 को बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत डीजीएमए द्वारा जारी सुरक्षा सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने बताया था कि 18 जुलाई को ब्लैक सी में रूस के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के पास व्यावसायिक जहाज एमवी ओमोरफी (MV OMORFI) पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी। जहाज पर कुल 10 चालक दल के सदस्य थे, जिनमें तीन भारतीय शामिल थे। मृतक के अलावा अन्य दो भारतीय सुरक्षित हैं।

इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एमवी गोल्डन लेपर्ड (MV Golden Leopard) पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की जान चली गई थी।

भारत ने व्यावसायिक जहाजों पर इस तरह के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि निर्दोष चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही और वैश्विक व्यापार की स्वतंत्रता को खतरे में डालना अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से समुद्री नौवहन की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने का आग्रह किया है।

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