नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस): कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की ऑल-अराउंड जिम्नास्टिक्स स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने के बाद भारतीय जिम्नास्ट योगेश्वर सिंह ने देश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा, “सीखना कभी मत छोड़ो।” उन्होंने भारतीय जिम्नास्टिक्स में हो रही प्रगति, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और नई पीढ़ी की बढ़ती प्रतिभा की भी सराहना की।
रविवार को ‘ओलंपिक्स खेल’ द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में योगेश्वर ने कहा, “भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलना मेरे लिए सबसे बड़े प्रतियोगिताओं में से एक है।”
भारत में जिम्नास्टिक्स के विकास पर उन्होंने कहा, “भारत खेलों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और जिम्नास्टिक्स भी कदम-दर-कदम विकसित हो रही है। कई निजी अकादमियों और सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों में विदेशी कोच और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। यह बेहद सकारात्मक बदलाव है। उम्मीद है कि धीरे-धीरे हम भी विश्व स्तर पर शीर्ष देशों की श्रेणी में पहुंचेंगे।”
नई पीढ़ी के जिम्नास्टों की प्रशंसा करते हुए योगेश्वर ने कहा, “हमारे जूनियर खिलाड़ी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत के युवाओं के लिए मेरा सिर्फ एक संदेश है—सीखना कभी मत छोड़ो।”
कलात्मक जिम्नास्टिक्स की क्वालिफिकेशन प्रतियोगिता में योगेश्वर सिंह ने 71.400 अंक हासिल कर कुल 18वां स्थान प्राप्त किया, जबकि उनके साथी तपन मोहंती 71.700 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रहे। प्रति देश अधिकतम दो खिलाड़ियों के नियम के तहत दोनों ने 24 सदस्यीय पुरुष ऑल-अराउंड फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया।
व्यक्तिगत उपकरण स्पर्धाओं में भी भारत का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। स्वाथिश कैथेरी पुथालाथ ने रिंग्स स्पर्धा में 12.450 अंक हासिल कर दूसरे रिजर्व के रूप में स्थान बनाया। वहीं, योगेश्वर सिंह ने वॉल्ट स्पर्धा में 12.600 अंक के साथ दूसरे रिजर्व के रूप में जगह बनाई।
पुरुषों की टीम स्पर्धा में भारत ने कुल 208.550 अंक हासिल कर सातवां स्थान प्राप्त किया। सबडिवीजन-2 की समाप्ति तक भारतीय टीम शीर्ष पर थी, लेकिन सबडिवीजन-3 के बाद कनाडा, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया आगे निकल गए। कनाडा ने 241.400 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंग्लैंड ने 238.250 अंकों के साथ रजत और ऑस्ट्रेलिया ने 235.650 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
