नई दिल्ली, 23 जुलाई: प्रश्नपत्र लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य छात्रों के भविष्य की रक्षा करना नहीं, बल्कि इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार शुरू से ही युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष बार-बार अपना रुख बदलकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उनका आरोप था कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे का भी विपक्ष राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
इस दौरान भाजपा के कई सांसदों ने भी इंडिया गठबंधन पर संसद की कार्यवाही ठप करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि सदन में इस विषय पर चर्चा होती है तो विपक्ष की पिछली भूमिका और उसका रिकॉर्ड भी सामने आ जाएगा, इसलिए वह बहस से बच रहा है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए सरकार लगातार सुधार कर रही है और प्रश्नपत्र लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने सवाल किया, “क्या कांग्रेस दोषियों को सजा नहीं दिलाना चाहती? क्या वह छात्रों को न्याय नहीं दिलाना चाहती?”
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन में हंगामा करने में अधिक रुचि रखता है। उन्होंने कहा, “विपक्ष सड़क पर आंदोलन कर रहा है, लेकिन संसद में चर्चा से बच रहा है। इससे साफ है कि उसका उद्देश्य समाधान नहीं, बल्कि टकराव है।”
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि सरकार छात्रों की जायज़ मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं बुनियादी सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, प्रश्नपत्र लीक किसी एक परीक्षा तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों से राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर ऐसी घटनाएं होती रही हैं। यह करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।
