चुनाव प्रबंधन में सहयोग पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिले ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस): चुनाव प्रबंधन और चुनाव अधिकारियों की क्षमता निर्माण के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) तथा इंटरनेशनल आईडीईए के काउंसिल ऑफ मेंबर स्टेट्स के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार ने भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन से मुलाकात की।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बताया कि बैठक के दौरान चुनाव प्रबंधन, संस्थागत अनुभवों के आदान-प्रदान और चुनाव अधिकारियों के पेशेवर प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

ईसीआई के अनुसार, आईआईसीडीईएम-2026 (IICDEM 2026) के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव प्रबंधन और चुनाव अधिकारियों की क्षमता निर्माण में पारस्परिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आईडीईए) के माध्यम से चुनाव प्रबंधन की प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने तथा चुनाव अधिकारियों के प्रशिक्षण के अवसरों का विस्तार करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बाद में निर्वाचन आयोग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए दोनों पक्षों के बीच हुई इस महत्वपूर्ण चर्चा की जानकारी दी।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह बैठक लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और चुनावी प्रशासन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वर्ष 2026 के लिए इंटरनेशनल आईडीईए के काउंसिल ऑफ मेंबर स्टेट्स के अध्यक्ष के रूप में ज्ञानेश कुमार सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें कर चुनाव प्रक्रिया, ज्ञान साझाकरण और संस्थागत क्षमता निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयोग मुख्यालय में भारत में बेनिन के राजदूत एरिक जीन-मैरी जिन्सू से भी इसी प्रकार की बैठक की थी। उस बैठक में भी चुनाव प्रबंधन और चुनाव अधिकारियों के प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया था।

ईसीआई ने कहा कि इस तरह की चर्चाएं विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी चुनावी व्यवस्था के निर्माण के लिए विभिन्न देशों के अनुभवों के आदान-प्रदान और संस्थागत क्षमता निर्माण के महत्व को और अधिक रेखांकित करती हैं।

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