कोलकाता, 15 जुलाई (आईएएनएस): कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कामारहाटी से विधायक मदन मित्र ने बुधवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देकर विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट का दामन थाम लिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी के साथ बैठकर मदन मित्र ने अपने फैसले की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर पार्टी के पतन का आरोप लगाते हुए उन पर तीखा हमला बोला।
मदन मित्र ने कहा, “पार्टी की यह स्थिति अभिषेक बनर्जी की वजह से हुई है। मैं पहले भी तृणमूल में था और आज भी तृणमूल में ही हूं। मैंने सिर्फ एक घर से दूसरे घर में प्रवेश किया है। पार्टी किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी की है।”
हालांकि, खेमा बदलने के बावजूद उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी कार्यकर्ताओं का साथ दिया है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि वह 21 जुलाई को कोलकाता में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
बुधवार सुबह मदन मित्र स्वयं वाहन चलाकर विधानसभा पहुंचे और वहां से ऋतब्रत बनर्जी के कार्यालय जाकर औपचारिक रूप से नए गुट में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि यह उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ है और वह सबसे पहले बंगाल की जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में उनके पास जो भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां थीं, उनसे उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।
एक दो पंक्तियों की कविता सुनाते हुए उन्होंने कहा, “मैं केवल तृणमूल का विधायक नहीं हूं, बल्कि बंगाल का विधायक हूं। मैंने तृणमूल के लिए सब कुछ दिया और अपने सभी संगठनात्मक पद छोड़ दिए।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल के कथित नगर निकाय भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मदन मित्र की पत्नी और उनके दोनों बेटों को तलब किया था। इसके बाद पूर्व तृणमूल विधायक स्वर्ण कमल साहा के साथ उनकी मुलाकात ने उनके खेमा बदलने की अटकलों को और तेज कर दिया था।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में आई टूट के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के लिए यह एक और बड़ा झटका है। इससे पहले 60 से अधिक विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हो चुके हैं, जबकि ममता बनर्जी के साथ अब केवल कुछ ही विधायक बचे हैं।
ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले मदन मित्र लंबे समय तक दमदम-बैरकपुर संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष, पार्टी के हॉकर सेल के प्रमुख और विधायक दल के मुख्य संयोजक सहित कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
इससे पहले फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और ज्योतिप्रिय मलिक सहित कई वरिष्ठ नेता भी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शामिल हो चुके हैं। मदन मित्र के शामिल होने से इस सूची में एक और प्रमुख नाम जुड़ गया। (आईएएनएस)
