जापान ने ‘नमस्ते’ की परंपरा को बताया सम्मान और विनम्रता का प्रतीक

नई दिल्ली, 3 जुलाई : जापान के कैबिनेट पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर ने आज भारतीय पारंपरिक अभिवादन “नमस्ते” के महत्व को रेखांकित किया। यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के भारत दौरे के दौरान एक-दूसरे का हाथ जोड़कर अभिवादन करने के बाद सामने आई।

सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में जापानी अधिकारी ने इस मुद्रा को “अंजलि मुद्रा” बताते हुए इसके महत्व की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि दोनों हथेलियों को जोड़कर किया जाने वाला यह अभिवादन सम्मान, आदर और विनम्रता का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि “नमस्ते” आज दुनिया भर में अभिवादन, कृतज्ञता और विनम्रता के प्रतीक के रूप में अपनाया जा रहा है। यह केवल अभिवादन का तरीका नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर विनम्रता, संतुलन और आत्मिक स्थिरता की भावना को भी मजबूत करता है।

आर्ट ऑफ लिविंग के अनुसार, अंजलि मुद्रा व्यक्ति को आंतरिक रूप से विनम्रता और आत्मिक संतुलन का अनुभव कराती है, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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