तेल अवीव, 28 सितंबर (हि.स./रिया नोवोस्ती)। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) में मुकदमा चलाने की तैयारी के निर्देश दिए हैं।
इजराइली ब्रॉडकास्टर आई24 ने सूत्रों के हवाले से एक रिपाेर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने इजराइल के एक अंतर-एजेंसी समूह और अंतरराष्ट्रीय कानून विभाग के निदेशक को एर्दोगन के खिलाफ संभावित आईसीसी मामले की तैयारी शुरू करने को कहा है। प्रस्तावित मामले में कुर्द लोगों के साथ तुर्किए के व्यवहार और हमास को कथित समर्थन तथा फंडिंग से जुड़े आरोपों को शामिल किए जाने की बात कही गई है।
आई 24 के अनुसार, यह कदम तुर्किए के न्याय मंत्रालय द्वारा इंटरपोल से नेतन्याहू के खिलाफ ‘रेड नोटिस’ जारी करने का अनुरोध किए जाने के बाद उठाया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल आईसीसी में स्वतंत्र रूप से मामला आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकता है, हालांकि इजराइली अधिकारी किसी तीसरे पक्ष या मध्यस्थ के जरिए प्रक्रिया शुरू करने पर भी विचार कर सकते हैं। इजराइल और तुर्किए दोनों ने रोम संविधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और आईसीसी के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं किया है।
एर्दोगन लंबे समय से इजराइल की गाजा नीति की आलोचना करते रहे हैं। वे गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई को ‘जनसंहार’ बताते रहे हैं और हमास के सदस्यों को ‘प्रतिरोध सेनानी’ कहते हैं। तुर्किए ने हमास के वरिष्ठ नेताओं को राजनीतिक समर्थन देने की बात भी सार्वजनिक रूप से कही है।
इजराइली मीडिया ने इससे पहले अगस्त में अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत जेरेड कुशनर की इजराइल यात्रा के दौरान नेतन्याहू के साथ हुई चर्चाओं में तुर्किए द्वारा हमास को कथित वित्तीय समर्थन का मुद्दा शामिल होने की रिपोर्ट दी थी।
नवंबर, 2024 में आईसीसी ने गाजा में कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों को लेकर नेतन्याहू और इजराइल के तत्कालीन रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इजराइल ने इन आरोपों और आईसीसी की कार्रवाई को खारिज किया था।
अक्टूबर, 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से तुर्किए और इजराइल के संबंधों में भारी तनाव रहा है। अंकारा ने इजराइल पर गाजा में अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप लगाए हैं, इजराइल के साथ व्यापारिक संबंधों को निलंबित किया है और 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का समर्थन किया है।
