इरकुत्स्क, 28 सितंबर (हि.स./रिया नोवोस्ती)। रूस के एमसी-21 यात्री विमानों की दूसरे देशों को डिलीवरी वर्ष 2032 के बाद शुरू होगी।
विमान निर्माता कंपनी इरकुत्स्क एविएशन ने कहा है कि कंपनी की उत्पादन क्षमता के हिसाब से अब तक बुक ऑर्डर की पूर्ति की बाध्यता के कारण 2032 तक पहले निर्यात के लिए ऑर्डर 2032 के बाद की अवधि के लिए लिए जाएंगे।
इरकुत्स्क एविएशन प्लांट के सीईओ आंद्रे सोइनोव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कंपनी मित्र देशों को एमसी-21 विमानों की आपूर्ति की संभावनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कई देशों की ओर से विमान में रुचि दिखाई गई है और इसकी क्षमताओं को लेकर बातचीत, बैठकें तथा प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं।
सोइनोव के मुताबिक, हाल ही में हुए एक अनुबंध के बाद कंपनी की उत्पादन क्षमता वर्ष 2032 तक पूरी तरह प्रतिबद्ध हो चुकी है। ऐसे में विदेशी बाजार के लिए कोई भी संभावित समझौता 2032 के बाद की अवधि के लिए होगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाना तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन फिलहाल ऐसा करने की कोई योजना नहीं है। उनके अनुसार, अतिरिक्त क्षमता तैयार करने और उसे बनाए रखने पर काफी खर्च आएगा तथा मांग में भविष्य में कमी आने की स्थिति में यह कंपनी के लिए चुनौती बन सकती है।
सोइनोव ने बताया कि कंपनी उत्पादन को धीरे-धीरे अपने निर्धारित लक्ष्य तक बढ़ाने और स्थिर उत्पादन दर बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। फिलहाल कंपनी की योजना प्रति वर्ष 36 से अधिक एमसी-21 विमानों का उत्पादन नहीं करने की है।
सितंबर में मॉस्को में रूसी नागरिक उड्डयन क्षेत्र के इतिहास के सबसे बड़े अनुबंधों में से एक पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके तहत एयरोफ्लोट को 90 एमसी-21 विमानों की आपूर्ति 2029 से 2032 के बीच की जानी है। इसके अलावा, पहले हुए एक अनुबंध के तहत एयरोफ्लोट को 2027 और 2028 में 18 एमसी-21 विमान दिए जाने हैं।
एमसी-21 एक मध्यम दूरी का, नैरो-बॉडी यात्री विमान है, जिसे याकोवलेव कॉरपोरेशन ने विकसित किया है। विमान के विभिन्न संस्करणों में 163 से 211 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। याकोवलेव, रोस्टेक की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (यूएसी) का हिस्सा है।
