अगरतला, 1 सितंबर: विधानसभा में विपक्षी विधायक सुदीप रॉय बर्मन को निष्कासित किए जाने के मामले में विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का समर्थन करते हुए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तथा राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्य ने कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए संसदीय नियमों और अनुशासन का पालन जरूरी है।
मंगलवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राजीव भट्टाचार्य ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के फैसले और सदन के स्थापित नियम-कायदों का सभी को सम्मान करना चाहिए। सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान पैदा हुए हंगामे के बाद सुदीप रॉय बर्मन को विधानसभा कक्ष से बाहर कर दिया गया था। इसी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए राजीव ने अध्यक्ष की कार्रवाई का समर्थन किया।
इस दौरान उन्होंने माकपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार द्वारा विभिन्न जनसभाओं में दिए गए बयानों की भी आलोचना की। उन्होंने कुछ टिप्पणियों को ‘अशोभनीय’ और राजनीतिक शालीनता के खिलाफ बताया। राजीव भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन मतभेद व्यक्तिगत हमलों या राजनीतिक माहौल को खराब करने का माध्यम नहीं बनने चाहिए।
वहीं, भाजपा और टिपरा मोथा के बीच संभावित राजनीतिक समझौते को लेकर चल रही अटकलों को भी राजीव भट्टाचार्य ने खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मुद्दे पर टिपरा मोथा के साथ अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है। ऐसे में दोनों दलों के बीच समझौते या बैठक को लेकर सामने आ रही खबरों और अटकलों का फिलहाल कोई आधार नहीं है।
राजीव भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा विधानसभा में अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था और नियमों के दायरे में अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेगी।
हाल के विधानसभा घटनाक्रम को लेकर राज्य की राजनीति में बढ़े तनाव और सत्तापक्ष-विपक्ष के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच भाजपा नेता का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संवाददाता सम्मेलन के दौरान राजीव भट्टाचार्य ने विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई, विपक्षी नेताओं के बयानों और टिपरा मोथा के साथ भाजपा के संभावित राजनीतिक समीकरण को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
