नई दिल्ली, 30 जुलाई : भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र आईएन-स्पेस ने नए दिशानिर्देशों में कहा है कि निजी अंतरिक्ष कंपनियों को किसी भी नियोजित अंतरिक्ष वस्तु के पुनः वापसी के दौरान दुर्घटना जोखिम को न्यूनतम करना होगा। आईएन-स्पेस अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की सभी गतिविधियों पर नजर रखने वाली एजेंसी है। नए दिशा-निर्देशों में भारतीय क्षेत्र के भीतर या बाहर किसी भी अंतरिक्ष वस्तु के पुनः वापसी की योजना बनाने वाली किसी भी भारतीय कंपनी को अनिवार्य रूप से आईएन-स्पेस की अनुमति लेनी होगी।
नए दिशानिर्देशों के अनुसार भारतीय क्षेत्र के भीतर अंतरिक्ष वस्तु के ‘नियोजित पुनः वापसी की इच्छुक गैर भारतीय कंपनियों को केवल भारतीय निगमित संस्थाओं के माध्यम से ही आईएन-स्पेस से अनुमति प्राप्त करनी होगी। कंपनियों को पुनः वापसी संबंधी गतिविधियाँ अपने जोखिम पर ही करनी होंगी और उन्हें भारत सरकार किसी भी प्रकार की देनदारी के लिए उत्तरदायी नहीं होगी।
आईएन-स्पेस आवश्यक होने पर ऐसे सभी जोखिमों और संभावित स्थितियों के लिए कंपनियों को पर्याप्त बीमा करवाने के लिए कह सकती है। इसमें अनिवार्य तृतीय-पक्ष देयता बीमा भी शामिल है। दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि कोई कंपनी बिना पूर्व सूचना दिए प्रक्षेपण के बाद पुनः वापसी का निर्णय लेती है तो उसे इस प्रक्रिया से छह महीने पहले आवेदन करना होगा।
