पॉलिमर नोटों की शुरुआत की दिशा में पहला कदम, आरबीआई की प्रिंटिंग कंपनी ने जारी किया वैश्विक ईओआई

नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस): भारत में पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंकनोटों की शुरुआत की दिशा में पहला औपचारिक कदम उठाया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मुद्रा छापने वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) ने सुरक्षा विशेषताओं वाले पॉलिमर सब्सट्रेट शीट की आपूर्ति के लिए देशी और विदेशी कंपनियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इच्छुक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं को 18 अगस्त तक अपने प्रस्ताव जमा करने होंगे। कंपनियों से बैंकनोटों की छपाई के लिए विशेष सुरक्षा फीचर्स से युक्त ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट शीट के निर्माण और आपूर्ति का प्रस्ताव मांगा गया है।

हालांकि, निविदा दस्तावेज में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस मूल्यवर्ग के नोट पॉलिमर पर छापे जाएंगे या इन्हें कब से प्रचलन में लाया जाएगा।

पॉलिमर नोटों की शुरुआत भारतीय मुद्रा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। भारत में लगभग एक सदी से विशेष प्रकार के कागज पर बैंकनोट छापे जा रहे हैं। पॉलिमर नोट विशेष प्लास्टिक फिल्म से बनाए जाते हैं, जो पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं, आसानी से फटते नहीं हैं और लंबे समय तक उपयोग में रह सकते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, निविदा में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई कड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। भाग लेने वाली कंपनियों को केंद्र सरकार से सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करनी होगी। साथ ही, चीन या पाकिस्तान में उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को भारतीय परियोजना से पूरी तरह अलग रखना होगा। इसके अलावा, भारत के लिए इस्तेमाल होने वाले पॉलिमर सब्सट्रेट का कच्चा माल चीन या पाकिस्तान से नहीं लिया जा सकेगा और भारत के लिए तैयार किए गए सब्सट्रेट की आपूर्ति किसी तीसरे देश को नहीं की जा सकेगी।

गौरतलब है कि पिछले जून में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया था कि देश में पॉलिमर या प्लास्टिक नोट शुरू करने के प्रस्ताव पर रिजर्व बैंक प्रारंभिक स्तर पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा था कि इसके लाभ-हानि और व्यवहारिकता का आकलन किया जा रहा है तथा इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

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