आत्मसम्मान के साथ काम करने का माहौल नहीं मिला, भाजपा छोड़ेंगे कैलाशहर नगर परिषद के उपाध्यक्ष नितीश डे

अगरतला, 4 नवंबर: आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ काम करने का माहौल नहीं मिलने के कारण भाजपा छोड़ने का फैसला किया है। कैलाशहर नगर परिषद के उपाध्यक्ष नितीश डे ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। इस दौरान उनके बयान में नाराजगी और लंबे समय से मन में दबे असंतोष की झलक साफ दिखाई दी। नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के पार्टी छोड़ने की घोषणा से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

संवाददाता सम्मेलन में नितीश डे ने कहा कि वह काफी समय से इस फैसले पर विचार कर रहे थे। पिछले पांच साल उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन के लिए बेहद कठिन रहे हैं। उनके अनुसार, इस दौरान उन्हें आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ काम करने का माहौल नहीं मिला। कैलाशहर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुई कई घटनाओं और उनसे पैदा हुई परिस्थितियों ने उन्हें यह फैसला लेने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन का उद्देश्य कभी भी व्यक्तिगत पद या सत्ता हासिल करना नहीं रहा। बल्कि उन्होंने हमेशा अपने दायित्वों को निजी स्वार्थ से ऊपर रखते हुए ईमानदारी के साथ काम करने की कोशिश की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में भाजपा सरकार की स्थापना के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर कैलाशहर और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी के पक्ष में जनमत तैयार करने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी।

नितीश डे ने कहा कि भाजपा को सत्ता में स्थापित करने के उद्देश्य से उन्होंने अपना समय, श्रम और पूरी क्षमता लगाकर अनेक लोगों के साथ काम किया। लेकिन लंबे राजनीतिक अनुभव और हालिया परिस्थितियों ने उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया। अंततः उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आज से भाजपा के साथ उनका कोई संबंध नहीं रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में वह किसी भी राजनीतिक दल के लिए काम नहीं करेंगे। उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का फैसला भी सार्वजनिक किया।

अपने इस्तीफे के संबंध में उन्होंने बताया कि भाजपा से संबंध समाप्त करने के फैसले की लिखित जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को भेजेंगे। मंगलवार शाम तक अपना इस्तीफा अथवा निर्णय से संबंधित लिखित बयान प्रदेश अध्यक्ष के पास भेजने की बात कही।

उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर को नगर निकाय चुनाव की घोषणा के समय ही उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लागू करने के बारे में सोचा था। यहां तक कि चुनाव की घोषणा से पहले ही पार्टी से अलग होने की योजना बना ली थी। हालांकि, जिस पार्टी को स्थापित करने के लिए उन्होंने अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण वर्ष और बहुमूल्य समय खर्च किया, उससे संबंध तोड़ने का फैसला लेना उनके लिए आसान नहीं था।

अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस्तीफे का फैसला लिखते समय भी उन्हें मानसिक रूप से काफी पीड़ा हुई। लिखित बयान तैयार करने और उसे छपवाने के दौरान भी वह असमंजस में थे। उनके अनुसार, उनका राजनीतिक सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है, इसलिए इतने लंबे समय के संबंध को समाप्त करना आसान नहीं था।

नितीश डे की इस घोषणा के बाद कैलाशहर के राजनीतिक गलियारों में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से भाजपा से जुड़े एक अनुभवी राजनीतिक व्यक्तित्व का पार्टी छोड़ना और साथ ही सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का फैसला आगामी दिनों में स्थानीय राजनीति को किस तरह प्रभावित करेगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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