बॉक्सनगर में BSF जवानों पर हमला, राज्य की कानून-व्यवस्था पर जितेंद्र चौधरी ने उठाए सवाल

अगरतला, 3 नवंबर: बॉक्सनगर के आशाबाड़ी में BSF जवानों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए विपक्ष के नेता तथा CPI(M) के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही तस्करी को लेकर राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनामुड़ा और कलमचौड़ा थाना क्षेत्रों में लंबे समय से तस्करी का गिरोह सक्रिय है और इस गिरोह के एक हिस्से को सत्तारूढ़ दल का संरक्षण प्राप्त है।

घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जितेंद्र चौधरी ने कहा कि BSF के जवान देश के विभिन्न हिस्सों से नौकरी के सिलसिले में त्रिपुरा आते हैं और देश की सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। उनकी वजह से ही देश के लोग चैन की नींद सो पाते हैं। ऐसे में सीमावर्ती इलाकों में तस्करों का पीछा करते समय BSF जवानों पर हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। स्थानीय लोगों की शिकायत के अनुसार, एक निर्दोष युवक की पिटाई का मामला भी सामने आया है। हालांकि, किसी भी तरह की शिकायत होने पर भी वर्दीधारी जवानों के साथ इस तरह मारपीट करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए BSF के प्रति संवेदना व्यक्त की।

राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विपक्ष के नेता ने पूछा कि कलमचौड़ा थाना क्षेत्र में हर 15 से 20 दिनों के अंतराल पर इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं? राज्य के अन्य सीमावर्ती इलाकों में बार-बार ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिलती, लेकिन सोनामुड़ा और कलमचौड़ा में लगातार एक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति क्यों हो रही है, इसकी जांच होनी चाहिए।

जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि इस इलाके में तस्करी के कारोबार से जुड़े लोगों के एक बड़े हिस्से को सत्तारूढ़ दल का संरक्षण प्राप्त है। उनका दावा है कि तस्करों के खिलाफ दिखावे के लिए गिरफ्तारियां तो की जाती हैं, लेकिन उचित जांच और सजा सुनिश्चित नहीं की जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही आरोपियों के नाम पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज होते हैं, अगरतला से लेकर सोनामुड़ा तक विभिन्न स्तरों से फोन आने लगते हैं। यहां तक कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर गांजा, सोना और अन्य तस्करी के सामान की बरामदगी की घटनाओं को भी अलग रूप देने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि तस्करी के बढ़ते प्रभाव के कारण केवल इस अवैध कारोबार में शामिल लोग ही नहीं, बल्कि सोनामुड़ा और कलमचौड़ा के आम निर्दोष नागरिक भी विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों का सामान्य जनजीवन और आजीविका भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से इस स्थिति के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का जिक्र करते हुए जितेंद्र चौधरी ने कहा कि हर घटना के बाद मुख्यमंत्री कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की बात करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि सीमावर्ती इलाकों में बार-बार इसी तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल कठोर कदम उठाने तथा तस्करी के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर दोषियों को उदाहरणात्मक सजा दिलाने की मांग की।

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