माताबारी में 60-70 करोड़ रुपये के निवेश से बनेगा स्टेट-ऑफ-द-आर्ट फार्मेसी कॉलेज, MLA अभिषेक देबरॉय ने कंस्ट्रक्शन के काम का निरीक्षण किया

अगरतला, 10 अगस्त: त्रिपुरा के माताबारी विधानसभा क्षेत्र के चंद्रपुर में हायर एजुकेशन के मौकों को बढ़ाने के मकसद से एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट फार्मेसी कॉलेज बनाया जा रहा है। करीब 60 से 70 करोड़ रुपये के निवेश से बन रहे इस कॉलेज से इलाके के स्टूडेंट्स के लिए हायर एजुकेशन के मौकों के बढ़ने और लोकल लेवल पर रोजगार के नए मौके पैदा होने की उम्मीद है।

सोमवार को माताबारी MLA अभिषेक देबरॉय ने चंद्रपुर में बन रहे ‘माइलस्टोन’ कॉलेज के कंस्ट्रक्शन साइट का निरीक्षण किया। कॉलेज अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ उन्होंने कंस्ट्रक्शन के काम की प्रोग्रेस का निरीक्षण किया और प्रोजेक्ट के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की।

माताबारी इलाके के लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि लोकल लेवल पर एक कॉलेज बनाया जाए ताकि इलाके के स्टूडेंट्स को हायर एजुकेशन के लिए कहीं और न जाना पड़े। MLA अभिषेक देबरॉय ने बताया कि कुछ महीने पहले एक बाहरी संस्था ने उनसे चंद्रपुर में ऐसा एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन बनाने का प्रपोज़ल लेकर कॉन्टैक्ट किया था। उसके बाद प्रोजेक्ट का कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हुआ।

इंस्पेक्शन के बाद रिपोर्टर्स से बात करते हुए MLA ने कहा कि ‘माइलस्टोन’ को एक मॉडर्न फार्मेसी कॉलेज के तौर पर बनाया जा रहा है। यहां डिप्लोमा इन फार्मेसी, मास्टर ऑफ फार्मेसी समेत कई कोर्स शुरू करने का प्लान है।

कॉलेज का कंस्ट्रक्शन का काम करीब 1 लाख 18 हजार 900 स्क्वेयर फीट एरिया में चल रहा है। बताया जा रहा है कि प्रोजेक्ट में अब तक करीब 60 से 70 करोड़ टका इन्वेस्ट किया जा चुका है। इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के मकसद से कंस्ट्रक्शन का काम आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री प्रोफेसर डॉ. माणिक साहा कॉलेज का उद्घाटन कर सकते हैं।

अभिषेक देबरॉय ने उम्मीद जताई कि ‘माइलस्टोन’ फार्मेसी कॉलेज आने वाले दिनों में देश के टॉप पांच फार्मेसी एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन में अपनी जगह बना पाएगा। इस इंस्टीट्यूशन के शुरू होने के बाद, माताबाड़ी और आस-पास के इलाकों के स्टूडेंट्स को अपने घरों के पास अच्छी हायर एजुकेशन का मौका मिलेगा।

साथ ही, MLA ने उम्मीद जताई कि नए एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के आस-पास लोकल लोगों के लिए कई तरह के रोज़गार के मौके भी बनेंगे। इसलिए, एजुकेशन को बढ़ाने के अलावा, इस प्रोजेक्ट से इलाके के सोशियो-इकोनॉमिक डेवलपमेंट में भी अहम रोल निभाने की उम्मीद है।

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