गुवाहाटी, 5 अगस्त (आईएएनएस): केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बुधवार को उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों का जीवन जल्द सामान्य बनाने के लिए राज्य को आवश्यक सभी वित्तीय और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
नड्डा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ शिवसागर जिले के बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित बिहुबर और नेपाली खूटी क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और जमीनी स्तर पर हालात का जायजा लिया।
स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार के संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मैं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम की जनता को आश्वस्त करता हूं कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। राज्य को पूरी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।”
नड्डा ने यह भी बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की विशेषज्ञ टीम ने काम शुरू कर दिया है, ताकि पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
शिवसागर जिले के बिहुबर और नेपाली खूटी क्षेत्रों में इस बार की बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, विशाल कृषि भूमि जलमग्न हो गई है और कई मवेशियों की मौत हुई है। इसके अलावा सड़कें और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण अनेक परिवार राहत शिविरों और अस्थायी आश्रय केंद्रों में रहने को मजबूर हैं।
दौरे के दौरान नड्डा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बेघर और प्रभावित परिवारों से बातचीत की तथा घर, फसल, पशुधन और आजीविका के नुकसान से जुड़ी उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
राज्य सरकार पहले ही क्षतिग्रस्त मकानों, कृषि भूमि, पशुधन और आजीविका के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे और वित्तीय सहायता की घोषणा कर चुकी है। साथ ही, क्षतिग्रस्त सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण का कार्य भी जारी है।
प्रशासन को उम्मीद है कि केंद्र सरकार के इस आश्वासन से असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को और गति मिलेगी तथा हजारों प्रभावित परिवार जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगे।
