नईदिल्ली, ७ अक्टूबर : सरकार ने वर्ष 2029 तक तीन लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन और 50 हजार करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में रक्षा निर्माण में अवसर पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। राजनाथ सिंह ने बताया कि देश का रक्षा उत्पादन 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है जबकि 2014 में यह केवल 46 हजार करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात भी 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता अब केवल नीतियों और घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्रवाई, प्रभाव और व्यापक स्वीकार्यता के चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में रक्षा उपकरणों के स्वदेशी डिज़ाइन, विकास और निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतिगत पहल की हैं। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि सरकार आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को पूरी तरह से समझती है, क्योंकि अब युद्ध तकनीक आधारित होते जा रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे देश 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे महत्वपूर्ण रक्षा क्षमताओं में उच्च स्तर की आत्मनिर्भरता प्राप्त करना आवश्यक है।
