Accident : नासिक रेलवे हादसा: रिकॉर्ड 12 घंटे में नासिक-देवलाली के बीच रेल सेवा बहाल

मुंबई, 04 अप्रैल (हि.स.)। नासिक-देवलाली स्टेशन के बीच रविवार को पवन एक्सप्रेस के 12 डिब्बे बेपटरी होने के 12 घंटे के अंदर इस मार्ग पर रेल सेवा बहाल कर दी गई है। मध्य रेलवे ने यह कार्य रिकॉर्ड 12 घंटे के अंदर करके दिखाया है। सोमवार को 14.15 बजे सेक्शन क्लियर होने के बाद पहली ट्रेन 11055 एलटीटी-गोरखपुर 14.55 बजे बहाल ट्रैक से होकर गुजरी।

मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता शिवाजी सुतार के मुताबिक नासिक और देवलाली के बीच 03 अप्रैल को तकरीबन 15.10 बजे डाउन लाइन पर लोकमान्य तिलक टर्मिनस-जयनगर पवन एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन टीम तुरन्त सक्रिय हुई और मनमाड से दुर्घटना राहत ट्रेन, भुसावल से दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण ट्रेन और इगतपुरी से मेडिकल वैन मौके पर रवाना की गई। एआरटी और चिकित्सा उपकरण वैन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

उन्होंने बताया कि पटरी से उतरे डिब्बों के फंसे यात्रियों को नासिक रोड स्टेशन तक पहुंचाने के लिए 11 बसों की व्यवस्था की गई। रेलवे ने यात्रियों को पीने का पानी और बिस्किट उपलब्ध कराये और रात का खाना भी नासिक रोड स्टेशन पर मुहैया कराया गया। हादसा ग्रस्त ट्रेन के यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए मुंबई से नासिक रोड के लिए एक खाली अतिरिक्त ट्रेन भेजी गई। यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेन में भोजन के पैकेट, पीने के पानी की बोतलें भी उपलब्ध कराई गईं।

शिवाजी सुतार ने बताया कि रेल मार्ग को बहाल करने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए लगभग 12 ट्रेनों को रद्द, 19 ट्रेनों को डायवर्ट और 8 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट/शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया। उन्होंने बताया कि रद्द या डायवर्जन की गईं ट्रेनों के यात्रियों की सुविधा के लिए सभी प्रमुख स्टेशनों पर रिफंड के लिए 28 अतिरिक्त काउंटर भी खोले गए। सीएसएमटी मुंबई, दादर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, ठाणे, कल्याण, मुंबई मंडल के इगतपुरी, भुसावल नियंत्रण कार्यालय, भुसावल स्टेशन, मनमाड, नासिक रोड, खंडवा, अकोला, चालीसगांव और जलगांव स्टेशन से हेल्पलाइन नंबर संचालित किये गए।

ट्रेन हादसे के बाद मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार लाहोटी घटना स्थल पर अंत तक मौजूद रहे और राहत एवं बहाली कार्य का मार्गदर्शन करते रहे। मध्य रेल मुख्यालय से विभिन्न विभागों के प्रधान विभाग प्रमुख राहत कार्यों की निगरानी के लिए और मौके पर उपस्थित थे। लगभग 500 अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों ने 24 घंटे काम करते हुए लगभग 250 से 300 मीटर ट्रैक बदला। ट्रायल के बाद ट्रैक और ओएचई को सुरक्षित कर दिया गया। इसके बाद सोमवार को 14.15 बजे सेक्शन क्लियर हो गया और पहली ट्रेन 11055 एलटीटी-गोरखपुर 14.55 बजे बहाल ट्रैक से होकर गुजरी। इस घटना की जांच चल रही है तथा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।