नई दिल्ली, 04 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने ईडी के अधिकारियों को पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से जारी नोटिस पर रोक लगा दी है। जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच ने 17 मई को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा कि 2021 में पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से ईडी अधिकारियों के खिलाफ जारी नोटिस पर भी हाई कोर्ट ने रोक लगाई थी। इस रोक को पश्चिम बंगाल पुलिस ने कोई चुनौती नहीं दी। ऐसे में उसी प्रकार की नोटिस अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 160 के तहत तब तक जारी नहीं की जा सकती है, जब तक कोर्ट इस मामले का निपटारा न कर दे। उसके बाद कोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ जारी नोटिस पर रोक लगा दी।
सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील विकास पाहवा ने कहा कि ये नोटिस पहले के नोटिस से अलग है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी अधिकारियों को कोलकाता दफ्तर बुलाने की बजाय दिल्ली आई थी। ईडी अधिकारी ऐसा नहीं कह सकते हैं कि पश्चिम बंगाल पुलिस उन्हें बुला नहीं सकती। ये एक गंभीर मामला है।
सुनवाई के दौरान 01 अप्रैल को ईडी की ओर से एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि 17 मार्च को पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसके तीन अफसरों के खिलाफ ताजा नोटिस जारी किया है। ईडी अधिकारियों को कालीघाट पुलिस थाने बुलाया गया है। ये अधिकारी कोयला घोटाला मामले में तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मनी लांड्रिंग की जांच कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस ईडी के अधिकारियों पर दबाव बनाने लिए एफआईआर दर्ज कराई है।
हाईकोर्ट ने दिसंबर 2021 में पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से ईडी अधिकारियों के खिलाफ जारी दो नोटिस पर रोक लगाई थी। अप्रैल 2021 में तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की शिकायत पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। याचिका में कहा गया है कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल सरकार में प्रभावशाली राजनेता हैं। पश्चिम बंगाल सरकार अभिषेक बनर्जी के इशारे पर काम कर रही है, क्योंकि ईडी उनके खिलाफ कोयला घोटाला मामले की जांच कर रहा है। ऐसा करके पश्चिम बंगाल पुलिस ईडी की ओर से की जा रही जांच में बाधा खड़ी करना चाहती है।
