नई दिल्ली, 02 फरवरी (हि.स.)। भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर ध्यान देने के साथ सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के अपने केंद्रीय बजट में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के लिए पूंजीगत परिव्यय को रिकॉर्ड 40 प्रतिशत बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया है। बीआरओ को वित्त वर्ष 2021-22 में 2,500 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे। बीआरओ ने देश के उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी राज्यों में विभिन्न स्थानों पर 102 सड़कें और पुल बनाये हैं। इस इलाके का सामरिक महत्व इसलिए है, क्योंकि पांच देशों के साथ इस इलाके की सीमाएं लगती हैं।
बीआरओ ने 2021 में बहुत अधिक ऊंचाई पर और चरम मौसम की स्थिति में उग्र महामारी के बीच रिकॉर्ड संख्या में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अंजाम दिया। देश के उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी राज्यों में विभिन्न स्थानों पर 102 सड़कें और पुल बनाये हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 जून, 2021 को उत्तरी और पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों में 12 सड़कें राष्ट्र को समर्पित कीं। इसके अलावा छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में 63 पुल राष्ट्र को समर्पित किये गए। इस इलाके का सामरिक महत्व इसलिए है, क्योंकि पांच देशों के साथ इस इलाके की सीमाएं लगती हैं। इस क्षेत्र का विकास सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
इसके बाद रक्षा मंत्री ने दिसम्बर 2021 को देश के सीमावर्ती पर्वतीय इलाकों में बनाए गए 24 पुल और सड़कें राष्ट्र को समर्पित कीं। पूर्वी लद्दाख के 19,024 फीट ऊंचे उमलिंगला दर्रे पर दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य रणनीतिक सड़क बनाने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। बीआरओ दूर-दराज के दूर-दराज के इलाकों से संपर्क बढ़ाने की अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के साथ इलाके और मौसम की स्थिति के बावजूद न केवल परिचालन तैयारियों को बढ़ाने में योगदान दे रहा है बल्कि क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक एकीकरण और विकास की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इस बजटीय प्रोत्साहन से बीआरओ को पुलों, सड़कों और सुरंगों के निर्माण में मदद मिलेगी। इससे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सशस्त्र बलों को तेजी से जुटाने में मदद मिलने के साथ ही सुरक्षा वातावरण और भी मजबूत होगा। बीआरओ का यह अभियान विशेष रूप से लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम राज्यों के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन सीमा के करीब सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) निकट भविष्य में 1500 किलोमीटर और सड़कों का निर्माण करेगा। बीआरओ यहां पहले से ही खुद की बनाई हुई 5000 किलोमीटर सड़क का रखरखाव कर रहा है। यह परियोजनाएं क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने, सशस्त्र बलों की अभियानगत तैयारियां बढ़ाने, स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करने तथा लद्दाख क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगी।
