यमुनानगर, 02 फरवरी (हि.स.) । संसद की रक्षा स्थायी समिति के सदस्य रतनलाल कटारिया ने कहा है कि भारत अब सैन्य हथियारों का आयात नहीं, निर्यात करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट में 5.25 लाख करोड़ रुपये रक्षा बजट के लिए रखे जाने वाले प्रावधानों पर खुशी जताई है। कटारिया ने इसके लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है।
रतन लाल कटारिया ने बुधवार को कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए यह बजट रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाएगा और सरकार 68 फीसदी घरेलू उद्योगों से रक्षा उपकरण खरीदने में सक्षम होगी । उन्होंने कहा कि पिछले बजट में रक्षा क्षेत्र को 4.78 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे। इसे बढ़ाकर इस बार 5.25 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
कटारिया ने कहा कि अब भारत को दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा हथियारों का आयातक देश माना जाता रहा है। परंतु पिछले 7 वर्ष में मोदी सरकार ने इस क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं । प्रधानमंत्री ने कहा था कि अब वक्त आ गया है कि भारत को ज्यादा वक्त तक चुनौतीपूर्ण सैन्य तकनीक के मामले में आयात पर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के विजन की झलक इस बजट में दिखाई दे रही है। अब भारत रक्षा आयातक से रक्षा निर्यातक देश बनने जा रहा है। आगामी 5 वर्ष में 35 हजार करोड़ रुपये की रक्षा निर्यात का भी लक्ष्य रखा गया है । उन्होंने कहा कि अंबाला देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
