ढाका के मीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में बीजीपी की 33 प्लाटून तैनात, हालात पर नियंत्रण का दावा

ढाका (बांग्लादेश), 06 नवंबर (हि.स.)। देश की राजधानी ढाका के मीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में हालात में सुधार के आशिंक संकेत हैं। सरकार ने हिंसा के मद्देनजर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीपी) की 33 प्लाटून को तैनात किया है। यहां के कर्मचारी एक सप्ताह से ज्यादा समय से न्यूनतम मासिक वेतन 30,000 टका करने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। गुरुवार को पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया। सड़कों पर चारों ओर पुलिस और एसआरबी के जवान ही नजर आए। प्रशासन ने हालात पर नियंत्रण का दावा किया है।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, आठ दिनों की अशांति के बाद गुरुवार को कपड़ा उद्योग के आंदोलनरत कर्मचारी शांत दिखे। मीरपुर औद्योगिक क्षेत्र के सावर, गाजीपुर और नारायणगंज के कारखानों में उत्पादन फिर शुरू हो गया है। हालांकि अशुलिया में छिटपुट विरोध प्रदर्शनों की वजह से 70 फैक्टरियों में काम रोकना पड़ा है। अशुलिया में कर्मचारियों ने सड़कें ब्लॉक कर दीं और उनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई।

प्रशासन ने समूचे औद्योगिक एरिया में सुरक्षा बढ़ा दी है। हालात से निपटने के लिए बीजीबी की 33 प्लाटून तैनात की हैं। सरकार ने वेतन की समीक्षा के लिए एक वेज बोर्ड बना दिया है। नया वेतनमान दिसंबर से लागू करने की बात कही जा रही है। हालांकि, प्रस्तावित बढ़ोतरी की रकम की घोषणा अभी बाकी है। मीरपुर औद्योकि क्षेत्र काफी बड़ा है। यह इलाका कई थाना क्षेत्र और अनेक पुलिस अधीक्षकों के नियंत्रण में होता है।

पुलिस अधीक्षक मोमिनुल इस्लाम भुइयां ने कहा कि उनके अधिकार क्षेत्र में 1,863 फैक्टरियां हैं। इनमें से 70 ने अवकाश घोषित किया है। बाकी में उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर हुई गड़बड़ी के बावजूद कुल मिलाकर हालात स्थिर हैं। बताया गया है कि गुरुवार देरशाम

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अब्दुल्लापुर-बैपैल रोड को ब्लॉक कर दिया। इससे यातायात में रुकावट आई। इसके बाद जामगोरा में झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया।

बीजीबी मुख्यालय के मुताबिक, मीरपुर में तीन प्लाटून, सावर और अशुलिया में 11, गाजीपुर में 12 और नारायणगंज में सात प्लाटून तैनात की गई हैं।

डिटेक्टिव ब्रांच ने मंगलवार को मीरपुर-11 में पुलिस पर हुए हमले के सिलसिले में आठ और लोगों को गिरफ्तार किया है। सरकार ने उपायुक्त मोहम्मद अख्तर हुसैन को हिंसा की जांच करने का जिम्मा सौंपा है।

Leave a Reply