काठमांडू, 05 नवंबर (हि.स.)। नेपाल के भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्री सुनील लम्साल ने कहा है कि सरकार ने निवेश अनुकूल माहौल बनाने के लिए 59 कानूनों में संशोधन के मसौदे तैयार कर लिए हैं। सरकार की योजना निवेश सम्मेलन से पहले आवश्यक कानूनी और नीतिगत सुधारों को पूरा करने की है।
काठमांडू में गुरुवार को इंफ्रास्ट्रक्चर समिट-2026 को संबोधित करते हुए मंत्री लम्साल ने स्पष्ट किया कि निवेश सम्मेलन का उद्देश्य केवल विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करना, बड़ी परियोजनाओं की सूची पेश करना और निवेश की प्रतिबद्धताएं हासिल करना नहीं होगा। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को निवेश अनुकूल माहौल बनाने के लिए कानूनी सुधारों की जानकारी देना है। इनमें निवेश संरक्षण, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और बाजार की सुनिश्चितता जैसे विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नेपाल में निवेशकों को भरोसे के साथ निवेश करने का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सुशासन, अधिकारों के विकेंद्रीकरण और निवेश संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने विभिन्न नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाया है। निवेशकों के निवेश, श्रमिकों के अधिकारों और बाजार की सुनिश्चितता के लिए आवश्यक कानूनों में संशोधन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। 59 कानूनों में संशोधन के मसौदे तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश संरक्षण के लिए ऐसी कानूनी व्यवस्था करने की योजना बना रही है, जिससे सरकार की मंजूरी प्राप्त किसी भी परियोजना को कोई भी रोक न सके।
मंत्री के अनुसार संशोधन के मसौदे प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंप दिए गए हैं। वहां से संबंधित मंत्रालयों और कानून मंत्रालय के माध्यम से संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। लम्साल ने कहा कि निवेश सम्मेलन से पहले आवश्यक नियमावली, कार्यविधि और दिशानिर्देश तैयार करना भी हमारा लक्ष्य है। सरकार ने सार्वजनिक खरीद में नेपाली उत्पादों, स्थानीय उद्यमियों और व्यवसायियों को प्राथमिकता देने संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर लागू कर दिया है। आने वाले दिनों में सरकारी और निजी क्षेत्र के निर्माण कार्यों में भी घरेलू उत्पादों को प्रोत्साहित करने की नीति अपनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक खरीद में नेपाली उत्पादों, उद्यमियों और उद्योगपतियों को प्राथमिकता देने संबंधी दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। नेपाली उत्पाद उपलब्ध होने की स्थिति में सार्वजनिक खरीद में विदेशी उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करने की नीति अब कार्यान्वयन के चरण में पहुंच गई है। मंत्री ने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने के बाद सरकार सरकारी और निजी क्षेत्र में नेपाली उत्पादों को प्राथमिकता देने संबंधी कानूनी प्रावधान लाने की योजना बना रही है।
