बीएसएफ जवानों पर हमले की घटना में निष्पक्ष जांच की मांग: माणिक सरकार

अगरतला, 5 नवंबर: बीएसएफ के दो जवानों पर हमले की घटना को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री तथा सीपीआई(एम) के पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य माणिक सरकार ने। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता।

घटना की पूरी परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए माणिक सरकार ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अवैध रूप से सीमा पार कराने के काम में संलिप्त होने के संदेह में एक व्यक्ति और बीएसएफ जवानों के बीच विवाद से घटना की शुरुआत हुई। उनके पास उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उक्त व्यक्ति को रोकने की कोशिश के दौरान बीएसएफ कर्मियों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।

इसके बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर रास्ता जाम कर दिया। इसी दौरान दूसरे वाहन से गुजर रहे बीएसएफ के दो जवानों को रोककर उनके साथ मारपीट की गई। माणिक सरकार ने कहा कि इन दोनों जवानों का पहली घटना से कोई संबंध नहीं था और उन्हें पहले हुए घटनाक्रम की कोई जानकारी भी नहीं थी।

बीएसएफ जवानों पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए सीपीआई(एम) नेता ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता। यदि बीएसएफ के किसी जवान के व्यवहार से कोई व्यक्ति नाराज या असंतुष्ट था, तो उसे पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराकर कानूनी रास्ते से न्याय की मांग करनी चाहिए थी। कानून अपने हाथ में लेकर किसी पर शारीरिक हमला करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

वहीं, इस घटना में करीब 10 लोगों की गिरफ्तारी पर भी उन्होंने चिंता जताई। बताया गया है कि गिरफ्तार लोगों में दो से तीन महिलाएं भी शामिल हैं। माणिक सरकार के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

घटना के वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम का पता लगाने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सभी पहलुओं की गहन जांच करने की अपील की। साथ ही निष्पक्ष जांच के जरिए साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की।

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