त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमले के मामले में आठ गिरफ्तार, 19 लोगों के खिलाफ दर्ज है केस

अगरतला, 3 नवंबर: त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के बॉक्सानगर स्थित आशाबाड़ी में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमले के मामले में पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुल 19 लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सांसद बिप्लब कुमार देब ने भी घटना की कड़ी निंदा की है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सोमवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास आशाबाड़ी इलाके में लाठी और बांस से लैस लोगों की भीड़ ने BSF जवानों पर हमला कर दिया। इस हमले में कंपनी कमांडर समेत तीन जवान घायल हो गए। आशाबाड़ी इलाका कलमचौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के समय BSF जवानों ने सीमा पर कुछ भारतीय और बांग्लादेशी तस्करों को कथित तौर पर अवैध कारोबार में शामिल देखा। जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर एक भारतीय तस्कर को पकड़ लिया। हालांकि, BSF की मौजूदगी की भनक लगते ही बाड़ के दूसरी ओर मौजूद बांग्लादेशी तस्कर भाग निकले। पुलिस अधिकारी के अनुसार, पकड़ा गया भारतीय तस्कर भी बाद में भागने में सफल रहा और उसने गांव पहुंचकर BSF जवानों पर मारपीट का आरोप लगाया।

इसके बाद बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर जमा हो गए। आरोप है कि भीड़ ने BSF के वाहन को घेर लिया और जवानों पर हमला कर दिया। हमले में कंपनी कमांडर समेत तीन जवान घायल हुए। इस दौरान एक जवान की राइफल छीनने की भी कोशिश की गई। भीड़ ने BSF के एक वाहन में तोड़फोड़ भी की। घटना में हमलावरों में से एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है।

सूचना मिलते ही BSF और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, इलाके में तनाव बना रहा। पुलिस ने बताया कि हमले में कथित रूप से शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

वहीं, स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह आशाबाड़ी ग्राम पंचायत के पास BSF की 49वीं बटालियन के जवानों और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था। बताया जाता है कि तस्करी से जुड़े एक मामले को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि कहासुनी के दौरान एक BSF जवान ने स्थानीय निवासी हिफजुर रहमान पर लाठी से हमला कर दिया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने बॉक्सानगर-रहीमपुर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

घटना की सूचना मिलने पर रहीमपुर सीमा चौकी से असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार अन्य जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां भीड़ ने उन पर हमला कर दिया और BSF के वाहन में तोड़फोड़ की। बाद में अतिरिक्त बल के पहुंचने पर स्थिति और बिगड़ गई तथा दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई। इसमें रोहित कुमार समेत चार BSF जवान घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए बॉक्सानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

इस बीच, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा कि आशाबाड़ी में BSF कर्मियों पर हमले के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा बलों पर इस तरह की हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने BSF जवानों पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे गंभीर और अस्वीकार्य घटना बताया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात जवानों के सम्मान और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

गौरतलब है कि बांग्लादेश के साथ त्रिपुरा की अंतरराष्ट्रीय सीमा करीब 856 किलोमीटर लंबी है। राज्य की तीन ओर से बांग्लादेश की सीमा लगती है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार आपराधिक गतिविधियों के लिहाज से त्रिपुरा संवेदनशील राज्य माना जाता है। सीमा के अधिकांश हिस्सों में कंटीले तारों की बाड़ लगाई गई है।

उधर, सांसद बिप्लब कुमार देब ने भी सोशल मीडिया पर घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात BSF जवानों पर इस तरह का हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। देब ने बताया कि मामले में नामजद 19 आरोपियों में से आठ को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने शेष आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

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