असम के मार्घेरिटा में दो तेंदुए के शावकों को बचाया, विशेष देखभाल में रखे गए

तिनसुकिया (असम), 01 नवंबर (हि.स.)। असम के तिनसुकिया जिले के मार्घेरिटा में रिहायशी इलाके के पास से वन विभाग ने दो तेंदुए के शावकों को बचाया है। मां से बिछड़े इन दोनों शावकों को फिलहाल विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया है।

असम के वन मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने रविवार को सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने बताया कि नर और मादा शावकों की उम्र लगभग दो से तीन महीने है। इस सप्ताह वन विभाग की टीम ने डिगबोई वन प्रभाग के अंतर्गत मार्घेरिटा ईस्ट रेंज में उन्हें बचाया था।

इसी इलाके में पहले एक वयस्क मादा तेंदुआ दिखाई दी थी, जिसे बाद में दिहिंग पाटकाई राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ दिया गया था। वन अधिकारियों को संदेह था कि वह शावकों की मां हो सकती है। इसके बाद दोनों शावकों को उससे मिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन यह कोशिश सफल नहीं हुई।

फिलहाल दोनों शावक आईएफएडब्ल्यू-डब्ल्यूटीआई मोबाइल वेटरनरी सर्विस यूनिट-ईस्टर्न असम (एमवीएस-ईए) की देखरेख में हैं। यह इकाई असम वन विभाग के साथ समन्वय कर रही है और इसे आश्रयहस्त ट्रस्ट का सहयोग प्राप्त है।

वन मंत्री ने कहा कि शावकों को विशेष देखभाल और उचित वन्यजीव प्रबंधन की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को देने और जंगली जानवरों के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ से बचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की रक्षा केवल वन अधिकारियों और संरक्षण कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए सभी को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।

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