तेहरान (ईरान), 01 नवंबर (हि.स.)। मध्य पूर्व में तनाव का प्रमुख कारण बन चुके होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर कतर के मध्यस्थों के साथ ईरान के शीर्ष नेताओं की बातचीत चल रही है। ईरान ने कतर को साफ कर दिया है कि अमेरिका को पहले उसकी शर्तें मानने को तैयार होना होगा। ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका अगर शर्तेंं मान लेता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य को दो दिन में फिर से खोल दिया जाएगा।
अल जजीरा और इरना की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कतरी मध्यस्थों के चल रही बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दो दिन में फिर से खोलने की योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसके लिए सिर्फ एक शर्त है कि अमेरिका को उनकी सभी मांगें माननी होंगी। उधर, ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पत्र को देखा है। इसके अध्ययन से साफ है कि वाशिंगटन के रुख में पूरी तरह से बदलाव आया है। उन्होंने इस बदलाव को एक सकारात्मक संकेत बताया है।
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने सैन्य कमांडरों को निर्देश दिया है कि वे अमेरिका और इजराइल की ओर से आने वाले किसी भी संभावित खतरे का “बिना किसी भौगोलिक सीमा के, तत्काल और प्रभावी जवाब” दें। सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि खामेनेई के निर्देश के बाद ईरानी बल तैयार हैं।
मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने शनिवार को बताया कि कमांडर-इन-चीफ अयातुल्ला सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को दिए गए आदेश के बाद ईरानी सशस्त्र बलों ने अपने एजेंडे में दुश्मन के ठिकानों और संपत्तियों की एक नई सूची शामिल की है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक क्रांति के नेता का समझदारी भरा और निर्णायक नेतृत्व सशस्त्र बलों के कमांडरों और सभी सदस्यों के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है।
अब्दुल्लाही ने कहा कि सशस्त्र बल किसी भी तरह की आक्रामकता का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने कमांडर-इन-चीफ और देश को भरोसा दिलाया कि वे अंतिम सांस तक देश की रक्षा के लिए अडिग खड़े रहेंगे। शीर्ष कमांडर ने कहा कि ईरानी सेना आधुनिक और उन्नत उपकरणों व तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए बिना किसी भौगोलिक सीमा के पूरी ताकत और तीव्रता के साथ अमेरिकी और दुश्मनों का मुकाबला करेगी।
