पीएम-किसान की 24वीं किस्त में त्रिपुरा के किसानों के लिए 44.24 करोड़ रुपये: रतन लाल नाथ

अगरतला, 30 अक्टूबर: देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना प्रमुख है। इस योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शुक्रवार को अगरतला के प्रज्ञा भवन में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल होकर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने यह बात कही।

मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत पंजीकृत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। इससे किसानों को कृषि कार्यों से जुड़े विभिन्न खर्चों को पूरा करने में आर्थिक मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि देशभर में लगभग 11 करोड़ किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। त्रिपुरा में भी करीब 2.85 लाख किसान इस योजना के दायरे में हैं। अब तक राज्य के किसानों को इस योजना के तहत कुल 1,065 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

कृषि मंत्री ने बताया कि इससे पहले योजना की 23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और शुक्रवार को 24वीं किस्त जारी की गई। गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल माध्यम से बटन दबाकर देशभर के किसानों के बैंक खातों में सहायता राशि हस्तांतरित की।

मंत्री के अनुसार, इस बार देशभर के लगभग 9.5 करोड़ किसानों के बैंक खातों में कुल 18,680 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। इससे किसानों को सीधे आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है।

त्रिपुरा के संदर्भ में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत राज्य के 2,21,220 पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे कुल 44 करोड़ 24 लाख 40 हजार रुपये हस्तांतरित किए गए।

जिलावार आर्थिक सहायता के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए रतन लाल नाथ ने बताया कि अब तक कुल सहायता राशि के मामले में उत्तर त्रिपुरा जिला पहले स्थान पर है। यहां के किसानों को 194.76 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। दूसरे स्थान पर गोमती जिला है, जहां किसानों को 175.47 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, धलाई जिले में अब तक किसानों को 169.44 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

कार्यक्रम में किसानों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि लगभग 300 किसानों ने इसमें हिस्सा लिया। इनमें करीब 30 से 40 महिला किसान शामिल थीं। इसके अलावा जनजातीय समुदायों, अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सहित विभिन्न समुदायों के किसानों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों के सम्मान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं। उन्हें सम्मान देने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए कदम महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भारत कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने और विश्व में अग्रणी स्थान पर पहुंचाने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य को हासिल करने में किसानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही इस लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है।

मंत्री ने कहा कि इसी उद्देश्य से वह आज के कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री का संबोधन भी सुना। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले दिनों में देश के किसान और अधिक प्रगति करेंगे तथा भारतीय कृषि को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देंगे।

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