अपमान के शिकार त्रिपुरा के युवक लेसनजित के साथ खड़े हुए प्रद्योत किशोर देववर्मा

अगरतला, 24 अक्टूबर: सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियों का शिकार हुए त्रिपुरा के युवक लेसनजित से तिपरा मोथा के पूर्व प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देववर्मा ने दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने युवक को हरसंभव सहायता का आश्वासन देते हुए जनजातीय समाज और पूर्वोत्तर के लोगों के आत्मसम्मान, पहचान तथा एकता के महत्व पर जोर दिया।

दिल्ली से साझा किए गए एक वीडियो संदेश में प्रद्योत ने लेसनजित का परिचय त्रिपुरा के निवासी के रूप में कराया। उन्होंने बताया कि वह उससे मिलने के लिए अहमदाबाद से आए हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने लेसनजित को ‘माइकल जैक्सन’ और ‘चीनी’ कहकर अपमानित किया था। इस संबंध में प्रद्योत ने कहा कि अपमानजनक टिप्पणियों के बावजूद लेसनजित उन्हीं में से एक हैं और त्रिपुरा के बेटे हैं।

मुलाकात के दौरान लेसनजित ने खुशी जाहिर की, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वह थोड़े घबराए हुए थे। प्रद्योत ने उन्हें सहज करने की कोशिश की। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि लेसनजित ने पहले कभी KFC का खाना नहीं खाया था। इसलिए उन्होंने स्विगी के जरिए उनके लिए खाना मंगवाया।

प्रद्योत ने लेसनजित को पहले अपने घर कंचनपुर लौटने की सलाह दी और त्रिपुरा वापस पहुंचने में आवश्यक सहायता देने का भरोसा भी दिलाया।

प्रद्योत ने कहा, “लेसनजित, अगर कोई कभी तुम्हारे बारे में गलत बात कहता है, तो अपने अधिकारों के लिए खड़े होना। त्रिपुरा के लोगों, पूर्वोत्तर के निवासियों और जनजातीय समाज के सदस्य होने के नाते हमें गर्व है।”

युवक का कथित रूप से अपमान करने के आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए प्रद्योत ने लेसनजित से पूछा कि क्या आरोपी को जेल भेजना सही था। लेसनजित के सहमति जताने पर उन्होंने उसे आश्वस्त किया कि इस परिस्थिति में वह अकेला नहीं है और कई लोग उसके साथ खड़े हैं।

राजनीति से ऊपर मानवता का संदेश देते हुए प्रद्योत ने कहा, “एक-दूसरे की मदद करने के लिए राजनीति में होना जरूरी नहीं है। इसके लिए बड़ा दिल होना चाहिए।”

इस मुलाकात के दौरान उन्होंने नैशा और त्रिपुरा के एक अन्य युवक फादुरियांग की मौजूदगी का भी उल्लेख किया। फादुरियांग कंचनपुर के निवासी हैं और अहमदाबाद में काम करते हैं। प्रद्योत ने दोनों को दोबारा त्रिपुरा आने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुलाकात के अंत में तिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत ने एकता का संदेश देते हुए ‘थानसा’ यानी एकजुटता की बात कही। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक एकता और सहयोग की शक्ति अंततः विजयी होगी। वहीं, प्रद्योत से मुलाकात कर लेसनजित ने खुशी जताई और त्रिपुरा के लोगों को शुभकामनाएं दीं।

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