मदुरै, 26 सितंबर (हि.स.)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को मदुरै का दौरा करेंगे। इस दौरान वह सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए शुरू की जा रही ‘तायमामन स्वर्ण अंगूठी योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा नवीनीकृत गांधी संग्रहालय का उद्घाटन भी उनके कार्यक्रम में शामिल है। राज्य सरकार के अनुसार, योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक पात्र बच्चे को एक ग्राम वजन की सोने की अंगूठी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मदुरै में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मंत्री सी.टी.आर. निर्मलकुमार ने जिला कलेक्टर, विधानसभा सदस्यों, नगर निगम आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरे और जेम वीरमणि मामले को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
सरकार ने योजना के पहले चरण के लिए 1.28 लाख एक ग्राम की सोने की अंगूठियां खरीदी हैं। प्रत्येक अंगूठी पर विशिष्ट क्रमांक होगा और इसे छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग में उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत 22 जून, 2026 से सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों को भी लाभ दिया जाएगा।
मंत्री निर्मलकुमार ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए शुरू की जा रही यह योजना महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है। इसका मदुरै से शुभारंभ दक्षिणी जिलों के लिए विशेष महत्व रखता है।
योजना का शुभारंभ पहले 15 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे 28 सितंबर कर दिया गया। मदुरै जिले में कार्यक्रम स्थल को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। शुरुआती तौर पर उसिलमपट्टी सरकारी अस्पताल में कार्यक्रम प्रस्तावित था, जबकि बाद में इसे मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने की खबर है।
मुख्यमंत्री नवीनीकृत गांधी संग्रहालय का भी उद्घाटन करेंगे। संग्रहालय के आधुनिकीकरण और पुनर्निर्माण के बाद यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कार्यक्रम संबंधी तैयारियां की जा रही हैं।
निर्मलकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से संबंधित फिलहाल इन दो प्रमुख कार्यक्रमों की पुष्टि हुई है। अन्य कार्यक्रमों और विस्तृत समय-सारणी की आधिकारिक जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जेम वीरमणि मामले पर द्रमुक से सवाल
पत्रकारों ने जेम ग्रेनाइट्स के मालिक आर. वीरमणि से जुड़े यौन अपराध मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और द्रमुक की ओर से दिए जा रहे बयानों के बारे में सवाल किया। इस पर निर्मलकुमार ने द्रमुक की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले में गंभीर आरोपों और कथित अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने पूर्व कानून मंत्री एस. रघुपति के उस कथित स्पष्टीकरण पर भी सवाल उठाया कि उपलब्ध वीडियो स्पष्ट नहीं था और पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उस समय आगे कार्रवाई नहीं की जा सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार के कार्यकाल में आरोपों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इस मामले में द्रमुक और पूर्व मंत्री रघुपति का पक्ष अलग रहा है। रघुपति की ओर से कहा गया है कि उस समय उपलब्ध साक्ष्य पर्याप्त नहीं थे और वीडियो की स्पष्टता को लेकर भी समस्या थी।
निर्मलकुमार ने कहा कि वर्ष 2024 में सामने आई शिकायतों की जानकारी तत्कालीन पुलिस संयुक्त आयुक्त, पुलिस आयुक्त और मुख्यमंत्री तक पहुंचनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल किया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद तत्कालीन सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल क्यों गठित नहीं किया।
मंत्री ने मामले में कथित आर्थिक लेन-देन और समझौते के नाम पर पैसे की वसूली संबंधी आरोपों की जांच की भी मांग की। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर कई करोड़ रुपये में कथित सौदेबाजी और ‘कट्टा पंचायत’ के जरिए पैसे वसूलने की खबरें सामने आई हैं।
मंत्री ने तत्कालीन मुख्यमंत्री और गृह विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस और खुफिया तंत्र को मामले की जानकारी थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। निर्मलकुमार ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ वर्ष से मामले को लेकर पर्दे के पीछे गतिविधियां चलती रहीं।
मंत्री ने कहा कि सरकार मामले से जुड़े आरोपों की जांच और वास्तविक तथ्यों को सामने लाने के लिए कार्रवाई कर रही है। वीरमणि मामले को लेकर मुख्यमंत्री विजय की सरकार और द्रमुक के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। –
