फेस्टिवल ग्रांट के लिए 6.14 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि, नई दरों पर मिलेगा उत्सव भत्ता

अगरतला, 23 सितंबर: दुर्गा पूजा से पहले त्रिपुरा सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, श्रमिकों, पेंशनभोगियों और अन्य पात्र लाभार्थियों के लिए फेस्टिवल ग्रांट और फेस्टिवल एडवांस बढ़ाने की घोषणा की है। बुधवार को अगरतला स्थित सचिवालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में वित्त मंत्री प्रनजीत सिंह रॉय ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में फेस्टिवल ग्रांट के लिए 47 करोड़ 16 लाख रुपये और फेस्टिवल एडवांस के लिए करीब 183 करोड़ 77 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

पत्रकार सम्मेलन में वित्त सचिव पी. के. गोयल और अतिरिक्त सचिव डॉ. अचिंत्यन सरकार भी मौजूद थे। वित्त मंत्री ने बताया कि फेस्टिवल ग्रांट की राशि पात्र श्रेणियों के लिए 300 रुपये बढ़ाई गई है। इससे राज्य के कुल 2 लाख 34 हजार 417 कर्मचारी, श्रमिक, पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। इनमें 1 लाख 48 हजार 501 कर्मचारी और श्रमिक तथा 85 हजार 916 पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी शामिल हैं।

नई व्यवस्था के तहत ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारी, फिक्स्ड-पे पर नियुक्त कर्मचारी, वित्त विभाग की सहमति से नियुक्त दैनिक वेतनभोगी श्रमिक, पेंशनभोगी, पारिवारिक पेंशनभोगी तथा सरकारी संचालित मंदिरों के पुजारी को 2,400 रुपये का फेस्टिवल ग्रांट मिलेगा। पिछले वर्ष यह राशि 2,100 रुपये थी।

इसी तरह पार्ट-टाइम, संविदा और कैजुअल कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, होमगार्ड और एसपीओ, स्वास्थ्य विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी तथा जीए (एसए) विभाग के संविदा कर्मचारियों को 2,610 रुपये मिलेंगे। वित्त वर्ष 2025-26 में यह राशि 2,310 रुपये थी।

इसके अलावा पीडब्ल्यूडी (डीडब्ल्यूएस) के पार्ट-टाइम और अनियमित पंप ऑपरेटरों तथा आरडी (पंचायत) विभाग के पार्ट-टाइम पंप ऑपरेटरों का ग्रांट 1,050 रुपये से बढ़ाकर 1,350 रुपये कर दिया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि बढ़ी हुई ग्रांट की जरूरत पूरी करने के लिए अतिरिक्त 6 करोड़ 14 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। कोई भी पात्र कर्मचारी या लाभार्थी वित्त वर्ष के दौरान निर्धारित नौ धार्मिक त्योहारों में से किसी एक के लिए यह ग्रांट ले सकता है। इन त्योहारों में दुर्गा पूजा, क्रिसमस, गरिया पूजा, बुद्ध पूर्णिमा, ईद-उज-जुहा, बंगाली नववर्ष, ईद-उल-फितर, गुरु नानक जयंती और महावीर जयंती शामिल हैं।

फेस्टिवल ग्रांट के लिए पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार का ऑनलाइन आवेदन नहीं करना होगा। हालांकि, केंद्रीय योजनाओं के तहत कार्यरत कर्मियों के मामले में संबंधित प्रशासनिक विभाग आवश्यक निर्णय ले सकेंगे।

फेस्टिवल एडवांस भी बढ़ाया गया

इस अवसर पर वित्त मंत्री ने फेस्टिवल एडवांस की राशि बढ़ाने की भी घोषणा की। करीब एक लाख राज्य सरकारी कर्मचारी और अन्य पात्र कर्मी इस सुविधा के दायरे में आएंगे। इसके लिए अनुमानित 183 करोड़ 77 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

ब्याज मुक्त फेस्टिवल एडवांस की राशि 2017-18 से लागू दरों की तुलना में काफी बढ़ाई गई है। नई व्यवस्था के अनुसार नियमित ग्रुप-ए, ग्रुप-बी, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारी, फिक्स्ड-पे कर्मचारी तथा ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 20,000 रुपये का फेस्टिवल एडवांस मिलेगा। पहले संबंधित श्रेणियों में यह राशि 4,000 से 5,000 रुपये के बीच थी।

नई व्यवस्था में पहली बार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा होमगार्ड के लिए 5,000 रुपये का फेस्टिवल एडवांस निर्धारित किया गया है। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से पारिश्रमिक प्राप्त करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को 2,000 रुपये का फेस्टिवल एडवांस मिलेगा।

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