गुवाहाटी, 20 सितंबर (हि.स.)। असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार असम की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और राज्य के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा के असम प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट अमल नारायण पटवारी ने रविवार को जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने शनिवार को ऐतिहासिक गौरीपुर और कूचबिहार स्थित पवित्र मधुपुर सत्र के दौरे का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरासत संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गौरीपुर में गदाधर नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक हवाखाना के पुनर्निर्माण और संरक्षण की प्रगति की मौके पर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रख्यात सांस्कृतिक हस्तियों प्रमथेश चंद्र बरुवा, डॉ. भूपेन हजारिका और पद्मश्री प्रतिमा बरुवा पांडे से जुड़ी इस ऐतिहासिक धरोहर के पुराने स्थापत्य स्वरूप को बरकरार रखते हुए आधुनिक तकनीक से पुनर्निर्माण करने का निर्णय सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि प्रतिमा बरुवा पांडे की स्मृति में यहां एक संग्रहालय भी बनाया जाएगा और अगले एक वर्ष के भीतर हवाखाना को असम के प्रमुख सामाजिक-सांस्कृतिक आकर्षण केंद्रों में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
अमल नारायण पटवारी ने कहा कि धुबड़ी जिले के 108 वर्ष पुराने ऐतिहासिक तामरहाट सामुदायिक दुर्गा मंदिर के नवनिर्मित भवन को शारदीय दुर्गोत्सव से पहले श्रद्धालुओं को समर्पित कर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की आध्यात्मिक परंपरा और आस्था का सम्मान किया है।
मधुपुर सत्र के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि असम सरकार बटद्रवा परियोजना की तर्ज पर कोचबिहार स्थित इस पवित्र सत्र को एक विशिष्ट आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार, असम सरकार ने इसके लिए पहले ही 35 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं, जबकि पश्चिम बंगाल सरकार ने 30 करोड़ रुपये का अनुदान देने पर सहमति जताई है।
अमल नारायण पटवारी ने कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच इस समन्वय से मधुपुर सत्र को पूर्वोत्तर और पूरे देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों में विकसित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार केवल बुनियादी ढांचे के विकास पर ही नहीं, बल्कि पूर्वजों की अमूल्य स्मृतियों और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित कर भावी पीढ़ियों के लिए जीवंत बनाए रखने पर भी लगातार काम कर रही है।
