जनकपुरधाम का जानकी मंदिर संरक्षित स्मारक क्षेत्र घोषित, विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की तैयारी

काठमांडू, 18 सितंबर (हि.स.)। नेपाल सरकार ने जनकपुरधाम के प्रसिद्ध जानकी मंदिर को संरक्षित स्मारक क्षेत्र घोषित किया है। नेपाल सरकार का लक्ष्य जानकी मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराना है। इसके लिए संबंधित सांस्कृतिक विरासत क्षेत्र को संरक्षित स्मारक क्षेत्र घोषित करना आवश्यक प्रक्रिया का हिस्सा है।

संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राजपत्र में सूचना प्रकाशित कर इस निर्णय की जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार मंत्रिपरिषद की बैठक ने प्राचीन स्मारक संरक्षण ऐन, 2013 के तहत मंदिर क्षेत्र को संरक्षित स्मारक क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया है। संरक्षित स्मारक क्षेत्र घोषित होने के बाद अब मंदिर के आसपास भवन निर्माण समेत अन्य गतिविधियों पर निर्धारित मापदंड लागू होंगे। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में भी जानकी मंदिर को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लक्ष्य को शामिल किया है।

मंत्रालय के सचिव मुकुंद प्रसाद निरौला के अनुसार चारों दिशाओं की सीमाएं निर्धारित कर इस क्षेत्र को संरक्षित स्मारक क्षेत्र घोषित किया गया है।पूर्वी सीमा में जनकपुर के भानु चौक, कदम चौक, जिला प्रशासन कार्यालय और मालपोत कार्यालय होते हुए दक्षिण दिशा में जाने वाली परिक्रमा पथ की सड़क को शामिल किया गया है। पश्चिमी सीमा में भमरापुरा चौक से पश्चिम की ओर जाने वाली सड़क, याज्ञवल्क्य संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, ज्ञानकूप और हनुमान मंदिर होते हुए उत्तर दिशा में जाने वाले परिक्रमा पथ को निर्धारित किया गया है।

उत्तरी सीमा में हनुमान मंदिर, पिडारी चौक स्थित राजा जनक स्मारक, मधेस प्रदेश भवन और मिल्स एरिया होते हुए भानु चौक तक के परिक्रमा पथ की सड़क को शामिल किया गया है। इसी तरह दक्षिणी सीमा में जनकपुरधाम के मुरली चौक स्थित विद्यापति स्मारक से भमरापुरा चौक तक जाने वाले परिक्रमा पथ की सड़क को निर्धारित किया गया है।

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