(अपडेट) फ्लैट लिस्टिंग के बाद लुढ़के एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के शेयर, आईपीओ निवेशकों को लगा चूना

नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। बैंकों के एनपीए का निपटारा करने, एनपीए के एवज में धरोहर रखी गई परिसंपत्तियों का निपटारा कर कर्ज का पुनर्गठन कराने जैसा काम करने वाली कंपनी एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) लिमिटेड (आर्सिल) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में सपाट स्तर पर एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 139 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 139 रुपये के सतर पर ही हुई।

फ्लैट लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 141.50 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण ये गिर कर 130.73 रुपये के स्तर तक आ गया। बाजार में दिन भर हुई खरीद बिक्री के बाद ये शेयर 137.05 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 1.95 रुपये यानी 1.40 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

इस कंपनी का 732.97 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 20.10 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 52.65 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 15.69 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 3.39 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 5,27,31,946 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी किए गए हैं। चूंकि, इस इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है, इसलिए कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है, बल्कि आईपीओ का पूरा पैसा शेयर बेचने वाले पुराने शेयरहोल्डर्स को मिला है। आर्सिल की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 305.34 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 355.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 407.84 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 574.11 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 623.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की राजस्व प्राप्ति उछल कर 785.08 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 149.95 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 305.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ जबरदस्त उछाल के साथ 1,205.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,135.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,439.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 2,751.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 2,462.51 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 2,767.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 3,079.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

अगर कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2023-24 में ये 416.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 491.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 588.93 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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